Sitamarhi News: बाजपट्टी रेलवे स्टेशन के इतिहास में सोमवार (1 जून 2026) की रात एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया. क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने और स्थानीय स्टेशन पर पहली बार किसी एक्सप्रेस ट्रेन का आधिकारिक ठहराव (स्टॉपेज) शुरू होने पर स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और रेल यात्रियों में भारी उत्साह और जश्न का माहौल देखा गया. सोमवार की रात ठीक 23:45 (11:45 बजे) जैसे ही एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15508 प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, पूरा स्टेशन परिसर ‘जिंदाबाद’ के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
लोको पायलट और गार्ड का भव्य अभिनंदन
इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए आधी रात की परवाह किए बिना सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक पहले से ही प्लेटफॉर्म पर डटे हुए थे. ट्रेन के रुकते ही बाजपट्टी के स्टेशन मास्टर मनोज झा के नेतृत्व में एक विशेष स्वागत दल ट्रेन के इंजन तक पहुंचा.
कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मुख्य लोको पायलट (ट्रेन चालक) जे. केवट, सहायक लोको पायलट डी.के. झा और ट्रेन गार्ड विकास मंडल को फूलों की बड़ी-बड़ी मालाएं पहनाईं. रेलकर्मियों का मुंह मीठा कराने के लिए उन्हें लड्डू खिलाए गए और इस नई शुरुआत के लिए भारतीय रेल प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया.
यात्रा न करने वालों ने भी टिकट खरीदकर जताया उत्साह
इस उद्घाटन ठहराव के अवसर पर बाजपट्टी क्षेत्र के नागरिकों ने एकजुटता और सकारात्मकता की एक अनोखी मिसाल पेश की. ट्रेन के ठहराव को आर्थिक रूप से सफल और स्थाई बनाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में ऐसे लोगों ने भी लंबी कतारों में लगकर टिकटें खरीदीं, जिन्हें उस रात यात्रा नहीं करनी थी.
स्थानीय लोगों ने इस बड़ी सौगात का पूरा श्रेय सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को दिया. ग्रामीणों ने कहा कि सांसद के व्यक्तिगत और कड़े प्रयासों के कारण ही रेल मंत्रालय ने इस सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव को मंजूरी दी है. उपस्थित जनसमूह ने सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के समर्थन में जमकर जिंदाबाद के नारे लगाए और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की.
सीतामढ़ी से सत्य प्रकाश की विशेष रिपोर्ट
