Physiotherapy in Sitamarhi: सीतामढ़ी जिले के लोगों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अच्छी खबर है. फिजियोथेरेपी एवं फिजियो रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को सीतामढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है. शहर के जाने-माने फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. राजेश कुमार सुमन ने मूवमेंट असेसमेंट टूल (एमएटी) की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया है. इससे अब जिले के मरीजों को अत्याधुनिक तकनीक से फिजियोथेरेपी की सुविधा मिल सकेगी.
Sitamarhi medical facilities: दिल्ली में हुआ दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण
इस नई तकनीक को सीखने के लिए दिल्ली में एक दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम का आयोजन एक्टियो प्रीहैब, दिल्ली के निदेशक डॉ. गगन कपूर द्वारा किया गया. इस खास ट्रेनिंग में ऑस्ट्रेलिया के एमएटी संस्थापक और इसे विकसित करने वाले स्टीफन किंग ने देशभर से चयनित विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पूरे भारत से कुल 18 थेरेपिस्ट शामिल हुए थे, जिन्हें एमएटी की बारीकियां सिखाई गईं.
बिहार से शामिल हुए तीन विशेषज्ञ
इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार से कुल तीन विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. इनमें सीतामढ़ी के डॉ. राजेश कुमार सुमन के अलावा प्रो स्पाइन, भागलपुर के निदेशक डॉ. प्रणव कुमार और आईजीआईएमएस, पटना के डॉ. विनय पांडेय भी शामिल रहे. यह बिहार के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है कि राज्य के विशेषज्ञ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए आगे आ रहे हैं.
क्या है एमएटी और इसके फायदे
एमएटी (मूवमेंट असेसमेंट टूल) के माध्यम से किसी भी व्यक्ति की शारीरिक गति, संतुलन, लचीलापन, मांसपेशियों की क्षमता, मूवमेंट कंट्रोल और उसकी कार्यात्मक क्षमता का बहुत ही व्यवस्थित तरीके से मूल्यांकन किया जाता है. इस तकनीक से मरीज की प्रारंभिक कार्यात्मक स्थिति का सटीक डाटा तैयार करने में मदद मिलती है. साथ ही, रिहैबिलिटेशन के दौरान मरीज में होने वाले सुधार और बदलावों को भी वैज्ञानिक तरीके से मापा जा सकता है.
सीतामढ़ी में मिलेगी एमएटी आधारित सेवा
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद डॉ. सुमन ने बताया कि फिजियो केयर, सीतामढ़ी में जल्द ही एमएटी आधारित मूल्यांकन को रिहैबिलिटेशन सेवाओं से जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस उन्नत तकनीक का उपयोग विशेष रूप से ऑर्थोपेडिक व न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, स्पोर्ट्स इंजरी, संतुलन संबंधी परेशानी और मांसपेशियों की कार्यक्षमता से जुड़े जटिल मामलों में किया जा सकेगा. डॉ. सुमन ने जोर देते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य आधुनिक और मापनीय फिजियो रिहैबिलिटेशन तकनीक को सीतामढ़ी के लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े.
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