Sitamarhi News: सीतामढ़ी की कल्याणी ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है. लुधियाना में 4 से 6 सितंबर 2026 तक आयोजित 10वीं जूनियर राष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप में बिहार की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कल्याणी ने स्वर्ण पदक हासिल किया है. फाइनल मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उन्होंने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को पराजित कर गोल्ड अपने नाम किया.
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कल्याणी ने दिखाया दम
10वीं जूनियर राष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप में बिहार की टीम की ओर से खेलते हुए कल्याणी ने शानदार प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपने खेल का बेहतरीन प्रदर्शन किया और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में यह उपलब्धि सीतामढ़ी के लिए गौरव का विषय बनी है.
फाइनल मुकाबले में हासिल की शानदार जीत
कल्याणी ने प्रतियोगिता के निर्णायक मुकाबले में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया. फाइनल में प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को पराजित कर उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया. उनकी इस सफलता से जिले के खेलप्रेमियों में खुशी की लहर है. खेल जगत से जुड़े लोगों ने कल्याणी की उपलब्धि पर प्रसन्नता जतायी है.
विश्वनाथपुर गांव की रहने वाली हैं कल्याणी
कल्याणी डुमरा प्रखंड के विश्वनाथपुर गांव की रहने वाली हैं. वह रामनरेश यादव की पौत्री और शत्रुघ्न यादव की पुत्री हैं. राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता के बाद उनके परिवार और गांव में भी खुशी का माहौल है. कल्याणी की उपलब्धि ने क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है.
खेल संघों ने दी कल्याणी को बधाई
कल्याणी की सफलता पर जिला भारोत्तोलन संघ के संरक्षक प्रो राजकुमार गुप्ता, अध्यक्ष अतुल कुमार और सचिव सतीश कुमार ने बधाई दी है. वहीं खो-खो संघ के सचिव हरिशंकर प्रसाद, फुटबॉल संघ के सचिव सुरेश कुमार और संयुक्त सचिव राहुल यादव ने भी उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी हैं.
खेल जगत से जुड़े लोगों ने जतायी खुशी
कल्याणी की सफलता पर अरविंद कुमार, शिक्षक अरविंद हेराम कुमार, सैनिक चुनचुन कुमार और नवीन यादव समेत अन्य लोगों ने भी उन्हें बधाई दी. लोगों ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर कल्याणी ने सीतामढ़ी और बिहार का गौरव बढ़ाया है. उनकी उपलब्धि से जिले के खिलाड़ियों में भी उत्साह बढ़ा है.
यह भी पढ़ें: चंपारण के किसान संघर्ष की जीवंत कड़ी टूट गयी, 120 वर्षीय अमर राय ने ली अंतिम सांस
