सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
Sanskrit School Teacher Data: शिक्षा विभाग अब संस्कृत विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक और पारदर्शी बनाने की कवायद में जुट गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी गैर-सरकारी प्रस्वीकृत अनुदानित संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों का एक विस्तृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करने की प्रक्रिया पर शुरू कर दी है. इसके तहत विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO स्थापना) को निर्देश देते हुए मात्र तीन दिनों के भीतर संबंधित कर्मियों का पूरा विवरण इ-मेल के माध्यम से बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड को उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है.
एक्सेल शीट में भरा जाएगा आंकड़ा संग्रह प्रपत्र
शिक्षा विभाग के विशेष निदेशक सचिंद्र कुमार द्वारा सभी जिलों को जारी किए गए आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि सभी कार्यरत शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों का विवरण आंकड़ा संग्रह प्रपत्र (DCF) के बिंदु संख्या 1 से लेकर 26 तक अनिवार्य रूप से एक्सेल शीट में भरकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर भेजना होगा. जिला स्तर से इस डेटा के प्राप्त होने और उसकी स्क्रूटनी के बाद विभाग द्वारा प्रत्येक कर्मी का ‘इ-शिक्षा कोष’ (E-Shiksha Kosh) पोर्टल पर एक विशेष ‘यunique ID’ (यूनिक आईडी) जनरेट किया जायेगा.
जनरेट होगी यूनिक आईडी
यूनिक आईडी अलॉट हो जाने के बाद संबंधित शिक्षक कर्मी स्वयं इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर लॉग-इन करेंगे. इसके बाद वे डीसीएफ के क्रमांक 27 से लेकर 52 तक की अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और सेवा संबंधी गोपनीय जानकारियों को पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करेंगे. शिक्षकों द्वारा पोर्टल पर अपलोड की गई इस पूरी जानकारी का (Verification) संबंधित जिले के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा डिजिटल माध्यम से किया जायेगा.
अभिलेखों के रखरखाव और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आएगी भारी दक्षता
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तकनीकी पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के तमाम संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक कर्मियों का एक समग्र और त्रुटिहीन डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है. इससे भविष्य में कर्मियों के सेवा संबंधी कार्यों, वेतन भुगतान, एरियर, पेंशन, सेवा पुस्तिका के ऑनलाइन संधारण, अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अभूतपूर्व पारदर्शिता और कार्यकुशलता (Efficiency) सुनिश्चित की जा सकेगी.
