Punauradham Sitamarhi: मां सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम को अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य मंत्रिपरिषद ने "श्री जानकी जन्मभूमि, पुनौराधाम मंदिर न्यास समिति" के ट्रस्ट डीड को मंजूरी दे दी है.
इसके साथ ही विकास परियोजना के लिए अर्जित 50.8925 एकड़ भूमि को न्यास समिति के नाम निःशुल्क हस्तांतरित करने की भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है.
विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से पुनौराधाम में स्वीकृत वृहद विकास योजना का समयबद्ध और सुचारु क्रियान्वयन संभव होगा.
परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर और अन्य विकसित परिसंपत्तियों के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी भी न्यास समिति के माध्यम से निभाई जाएगी.
प्रशासनिक बाधाएं होंगी दूर
भूमि हस्तांतरण के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 12 मार्च 1991 के विभागीय आदेश की संबंधित शर्तों में शिथिलता प्रदान की गई है.
इससे भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आसान होगी और विकास कार्यों में आने वाली प्रशासनिक अड़चनें दूर होने की उम्मीद है.
अयोध्या मॉडल पर होगा विकास
बिहार सरकार पुनौराधाम को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है.
प्रस्तावित परियोजना में—
- भव्य मंदिर परिसर
- श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं
- पर्यटन अवसंरचना
- चौड़ी सड़कें
- पार्किंग
- धर्मशाला
- यात्री सुविधा केंद्र
- अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण शामिल है.
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस फैसले को पुनौराधाम के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
परियोजना के पूरा होने के बाद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की भी उम्मीद जताई जा रही है.
