Punaura Dham: नागर शैली में पुनौरा धाम मंदिर का होगा निर्माण, गुलाबी बलुआ पत्थर से सजेगा परकोटा

Punaura Dham: मां सीता जन्मस्थली पुनौराधाम मंदिर का निर्माण नागर शैली में होगा, जिसमें राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर और श्वेत अंबाजी संगमरमर का उपयोग होगा. भव्य गर्भगृह, महामंडप, सिंह द्वार और अलंकृत स्तंभों से सजा यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा. यहां श्रद्धालु परिक्रमा पथ से दर्शन करेंगे.

Punaura Dham: मां सीता जन्मस्थली पुनौरा धाम मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया जायेगा. राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर से बने अलंकृत स्तंभों वाला परकोटा बनेगा, जिसमें भव्य प्रवेश द्वार और पूर्व स्थित उप मंदिरों का समायोजन होगा.परकोटे में पंक्तिबद्ध परिक्रमा के माध्यम से श्रद्धालु मंदिर के सिंह द्वार तक पहुंचेंगे.

मंदिर में मुख्य गर्भगृह का स्थान पूर्व निहित है, जिसकी धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए इसकी भव्यता बढ़ाने के लिए भूतल पर नये उप गर्भगृह, परिक्रमा, भव्य महामंडप एवं सिंह द्वार प्रस्तावित हैं. मंदिर के प्रथम तल पर अन्य देवी देवताओं को स्थापित करने की व्यवस्था होगी.

राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर का किया जायेगा उपयोग

मंदिर की बाह्य संरचना, मुख्य मंडप एवं अर्ध मंडप राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थरों से निर्मित अलंकृत स्तंभों, जालियों, तोरण, छज्जे, झरोखों, उभरी आकृतियों, भित्ती चित्रों, गढ़ी गयी कृतियों एवं कंसोलयुक्त छतों से सुसज्जित होगी.

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संगमरमर से सजेगा भव्य मंदिर

मुख्य गर्भ गृह एवं उप गर्भ गृह की दीवारें एवं आंतरिक छत श्वेत अंबाजी संगमरमर में निर्मित पट्टियों, गढ़ी गयी कलाकृतियों, अलंकृत स्तंभों, भित्ति चित्रों, दिगपाल, नक्षत्र, नवग्रहों एवं अन्य देवी-देवताओं की उभरी हुई आकृतियों एवं कंसोलयुक्त छतों से सुसज्जित होगा. प्रस्तावित मंदिर के मुख्य गर्भ गृह, सोलंकी वास्तु शैली के शिखर तथा मंडप उप गर्भगृह एवं सिंह द्वार बेसर शैली के शिखरों से ढके होंगे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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