Sitamarhi News: सीतामढ़ी. श्री जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम में नव निर्मित अस्थायी कास्ट के श्री जानकी मंदिर के सामने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. मंदिर के सामने खुले स्थान के कारण अब तक भक्तों और दर्शनार्थियों को धूप और बारिश में खड़े होकर दर्शन की प्रतीक्षा करनी पड़ती थी. शेड बनने के बाद श्रद्धालुओं को मौसम की मार से राहत मिलने की उम्मीद है.
मंदिर के सामने शेड बनने से श्रद्धालुओं को राहत
अस्थायी श्री जानकी मंदिर के सामने शेड नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए खुले स्थान में इंतजार करना पड़ता था. गर्मी और बारिश के दौरान यह परेशानी और बढ़ जाती थी. अब शेड का निर्माण पूरा होने के बाद भक्तों को प्रतीक्षा के दौरान सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा.
सीता आराधना मंडल ने मुख्य सचिव को भेजा था पत्र
श्रद्धालुओं की परेशानी को लेकर सीता आराधना मंडल की ओर से मुख्य सचिव को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया था. मंडल ने मंदिर के सामने शेड निर्माण की आवश्यकता बताते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन से पहल करने का आग्रह किया था.
प्रशासन की पहल से पूरा हुआ निर्माण कार्य
पत्र के आलोक में प्रशासन की ओर से त्वरित पहल की गई और मंदिर के सामने शेड निर्माण कराया गया. निर्माण कार्य पूरा होने पर सीता आराधना मंडल के महामंत्री डीसी द्विवेदी समेत अन्य पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता व्यक्त की.
मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि शेड बनने से विशेष धार्मिक अवसरों और भीड़ के समय श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी.
पुनौरा धाम में 880 करोड़ से अधिक की पर्यटन परियोजना
पुनौरा धाम में राज्य सरकार की ओर से 880 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मां सीता के विश्वस्तरीय भव्य एवं दिव्य मंदिर के साथ समग्र पर्यटन विकास परियोजना पर काम चल रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास 8 अगस्त 2025 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था.
अस्थायी मंदिर में 8 अगस्त को हुई थी प्राण-प्रतिष्ठा
पुनौरा धाम में नव निर्मित अस्थायी कास्ट के मंदिर में बीते 8 अगस्त को मां सीता तथा भगवान राम-लक्ष्मण के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी. इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए थे.
31 दिसंबर 2028 तक भव्य मंदिर निर्माण का लक्ष्य
मां जानकी के भव्य मंदिर और समग्र पर्यटन विकास परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी आहलुवालिया कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई है, जिसने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का कार्य भी किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्माण एजेंसी को 31 दिसंबर 2028 तक भव्य मंदिर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया है.
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