प्रारंभिक शिक्षक संघ: सीतामढ़ी जिले के डुमरा में शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में डीपीओ (स्थापना) को एक ज्ञापन सौंपा. इस दौरान जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि संघ लगातार प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार की मांग करता आ रहा है. शिक्षकों के पूर्ण मनोयोग से अध्यापन कार्य करने के लिए उनके बुनियादी अधिकारों और समस्याओं का समाधान होना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार तभी संभव है जब शिक्षकों को मानसिक तनाव से मुक्ति मिले.
समय पर वेतन, प्रोन्नति और उर्दू स्कूलों में हाफ डे की मांग
जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने मांग पत्र के मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि नियोजित शिक्षकों की समस्याएं वर्षों से अनसुलझी हैं. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से इन पर शीघ्र संज्ञान लेने का अनुरोध किया.
- नियोजित शिक्षकों को प्रत्येक माह ससमय वेतन भुगतान और लंबित एरियर का निपटारा किया जाए.
- सभी पात्र शिक्षकों को सेवा निरंतरता का लाभ देते हुए अविलंब प्रोन्नति का लाभ प्रदान किया जाए.
- पारंपरिक व्यवस्था के अनुसार उर्दू विद्यालयों में गुरुवार को हाफ डे संचालित करने की अनुमति दी जाए.
- अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा बहाली करने के साथ स्थानांतरण नीति में व्यावहारिक सुधार किए जाएं.
शिक्षकों को सहायक शिक्षक का दर्जा और पुरानी पेंशन देने की पुरजोर मांग
संघ के जिला प्रधान सचिव मनीष आनंद ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों को अलग-अलग संवर्गों और कोटियों में बांटकर उनके सामर्थ्य को कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी कोटि के शिक्षकों को एक समान सहायक शिक्षक का पूर्ण दर्जा दिया जाए, साथ ही उचित वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू की जाए. प्रमंडलीय उपाध्यक्ष अजय पराशर ने शिक्षकों को अपने आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया.
इस अवसर पर जिला सचिव अंजुम कमाल, उमेश चंद्रवंशी, प्रवक्ता शंकर साह, सबील अहमद, रामजीनीश प्रसाद, कृष्णनंदन कुमार, मो. जवाद कर्म, मो. निजामुद्दीन, मो. सैफुल इस्लाम, मो. असफाक मिसबाही, सुधा कुमारी, नीलम कुमारी और ज्योति कुमारी सहित कई शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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