विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में 'जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा' का विधिवत शुभारंभ किया गया। राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार, यह विशेष अभियान 11 से 31 जुलाई तक पूरे जिले में चलाया जाएगा। इस दौरान जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन सेवाओं, परामर्श और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.इस पखवाड़े का उद्घाटन प्रभारी सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. आरके यादव, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय चंद्र झा और पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया
बढ़ती जनसंख्या विकास में बाधक, बिहार का प्रजनन दर 2.9
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आरके यादव ने कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि देश और समाज के विकास की गति को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। एक सीमित और नियोजित परिवार ही आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से अधिक सशक्त और समृद्ध हो सकता है.
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:
भारत का कुल प्रजनन दर (TFR): 2.1
बिहार का कुल प्रजनन दर (TFR): 2.9
डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय औसत और बिहार के प्रजनन दर के बीच के इस अंतर को कम करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है. इसके लिए योग्य दंपतियों तक परिवार नियोजन की आधुनिक सेवाएं और सही जानकारियां पहुंचाना बेहद जरूरी है.
स्थायी और अस्थायी साधनों के प्रति किया जाएगा जागरूक
अभियान के तहत आमजन को परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्पों के बारे में विस्तार से जागरूक किया जाएगा, ताकि लोग अपनी सुविधानुसार सही विकल्प चुन सकें. स्वास्थ्य विभाग इन साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएगा:
स्थायी साधन: महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी
अस्थायी साधन: अंतरा इंजेक्शन, छाया, माला-एन (गर्भनिरोधक गोलियां), कंडोम, आईयूसीडी (IUCD) और पीपीआईयूसीडी (PPIUCD) इस जागरूकता कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर पीरामल फाउंडेशन के प्रभाकर कुमार, दुर्गा प्रसाद, बिकेश कुमार, विक्रम कुमार, पीएसआई (इंडिया) के विनय कुमार, मनीषा कुमारी, संजय कुमार, शोभा कुमारी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
