Celebration For Baby Girl Birth: कभी बेटियों के जन्म पर मायूसी छा जाने वाली रूढ़िवादी सोच अब तेजी से बदल रही है. बदलते समय के साथ समाज में यह संदेश जाने लगा है कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं. इसका एक खूबसूरत और प्रेरणादायक उदाहरण सीतामढ़ी जिले के डुमरा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले लगमा गांव में देखने को मिला है.
कार से लेकर आंगन तक सजावट और फूलों की वर्षा
लगमा निवासी पप्पू कुमार के घर जब नन्हीं परी ने जन्म लिया, तो परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा. अस्पताल से अपनी नवजात बेटी को घर लाने के लिए पिता ने अपनी कार को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया. इसके अलावा, पूरे घर को रंग-बिरंगे फूलों और सजावटी सामानों से सजाया गया तथा आंगन में सुंदर रंगोली बनाकर बेटी का भव्य स्वागत किया गया.
आरती और पूजा-पाठ के साथ हुआ गृह प्रवेश
जैसे ही नवजात बेटी पहली बार अपने घर पहुंची, परिवार के सदस्यों ने फूलों की वर्षा कर उसका अभिनंदन किया. तालियों की गूंज के बीच विधिवत पूजा-पाठ और आरती उतारकर बेटी का गृह प्रवेश कराया गया. इस खुशी के पल में परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आसपास के रिश्तेदार और पड़ोसी भी शामिल हुए और बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
समाज में सकारात्मक बदलाव का एक बड़ा संदेश
पप्पू कुमार और उनके परिजनों का मानना है कि बेटी उनके घर साक्षात सौभाग्य लेकर आई है. परिवार का संकल्प है कि वे अपनी लाडली को बेहतरीन शिक्षा और अच्छे संस्कार देकर आत्मनिर्भर बनाएंगे. बेटी के इस अनोखे स्वागत की चर्चा पूरे इलाके में है, जो समाज में फैली पुरुष प्रधान सोच को पीछे छोड़ते हुए समानता का मजबूत संदेश दे रहा है.
यह भी पढ़ें... 24 घंटे तक इमरजेंसी के बाहर तड़पती रही घायल बुजुर्ग महिला, सीढ़ी के नीचे मिला शव
