महिला कोच में पुरुष यात्रियों की आवाजाही पर सवाल, रेलवे से निगरानी और अतिरिक्त कोच की मांग

केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ ने महिला कोच में पुरुष यात्रियों के सफर करने के मुद्दे पर चिंता जताई है। संघ ने रेलवे प्रशासन से महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है.

Sitamarhi Railways Women Coach: लोकल ट्रेनों के महिला कोच में महिलाओं को पर्याप्त जगह नहीं मिलने और पुरुष यात्रियों के सफर करने के मुद्दे पर केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ ने चिंता जताई है. संगठन ने रेलवे प्रशासन से महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है.

संघ का कहना है कि केवल नियम बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि निगरानी और अतिरिक्त कोच की भी जरूरत है.

महिला कोच में पुरुष यात्रियों के सफर पर जताई आपत्ति

केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं कैट के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका ने कहा कि महिला कोच में पुरुष यात्रियों का सफर करना लगातार देखा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के साथ पुरुष सहयात्री हो तो उसे अलग स्थिति माना जा सकता है, लेकिन केवल पुरुष यात्रियों का महिला कोच में सफर करना रेलवे नियमों के अनुरूप नहीं है.

शुरुआती स्टेशन से हो निगरानी

राजेश कुमार सुन्दरका ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने महिला कोच की व्यवस्था की है.

उन्होंने मांग की कि ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से ही महिला कोच की निगरानी शुरू की जाए और प्रत्येक स्टेशन पर नियमित जांच अभियान चलाया जाए. साथ ही यात्रियों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाने की जरूरत बताई.

कोच बढ़ाने की भी उठी मांग

संघ ने कहा कि केवल निगरानी से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी. महिला यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महिला कोच और सामान्य कोच की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए.

उदाहरण देते हुए राजेश कुमार सुन्दरका ने बताया कि ट्रेन संख्या 15515/15516 नरकटियागंज-दानापुर एक्सप्रेस का परिचालन पहले रक्सौल, फिर सुगौली और अब नरकटियागंज से किया जा रहा है. इससे रक्सौल से नरकटियागंज के बीच 10 अतिरिक्त स्टेशन जुड़ गए हैं, लेकिन कोचों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है.

एलएचबी रैक की भी मांग

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से रेलवे से इस ट्रेन में 22 कोच लगाने या इसे एलएचबी रैक में अपग्रेड करने की मांग की जा रही है.

जिलाध्यक्ष ने रेलवे प्रशासन से महिला यात्रियों की सुरक्षा और बढ़ती भीड़ को देखते हुए इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लेने की अपील की.


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लेखक के बारे में

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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