Sitamarhi murder case: सीतामढ़ी के कन्हौली थाना क्षेत्र में बीते 21 मई 2026 को हुई योगेंद्र सहनी की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर गठित विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और ताबड़तोड़ छापेमारी कर घटना में शामिल चार कुख्यात बदमाशों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है.इस संबंध में कन्हौली थाने में कांड संख्या 81/26 दर्ज है. पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं.
पुलिस की गिरफ्त में आए बदमाशों की पहचान इस प्रकार है:
अभिषेक कुमार पटेल (निवासी: इमली बाजार, रीगा थाना क्षेत्र) अंकित कुमार (निवासी: इमली बाजार, रीगा थाना क्षेत्र) अरविंद कुमार उर्फ कारी (निवासी: वार्ड नंबर 6, पुनौरा) अमकम कुमार(निवासी: वार्ड नंबर 6, पुनौरा)
नेपाल से शराब तस्करी और 5 लाख की सुपारी का कनेक्शन
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार नेपाल से शराब की तस्करी करने वाला अभिषेक कुमार पटेल है. तस्करी के दौरान ही उसकी मुलाकात दूसरे तस्कर राजेश सहनी से हुई थी.
- हत्या की वजह: राजेश सहनी का मानना था कि योगेंद्र सहनी पुलिस मुखबिरी करता था और उसने राजेश की शराब की कई खेप पकड़वाई थीं, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ था.
- साजिश: इसी रंजिश का बदला लेने के लिए राजेश सहनी ने योगेंद्र को रास्ते से हटाने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी.
- रेकी और वारदात: मुख्य आरोपी अभिषेक ने अपने साथी अरविंद उर्फ कारी, अमकम कुमार और अंकित कुमार के साथ मिलकर पहले योगेंद्र की गतिविधियों की **रेकी की और फिर 21 मई को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी ने सुपारी की रकम आपस में बांट ली थी.
पारिवारिक रिश्तेदारी और पुराना आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी राजेश सहनी की भतीजी की शादी मृतक योगेंद्र सहनी के भतीजे से हुई थी, यानी दोनों परिवारों के बीच रिश्तेदारी भी थी. गिरफ्तार आरोपियों में से अमकम और अरविंद का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है; दोनों के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट, चोरी और शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं. पुलिस ने बताया कि फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता राजेश सहनी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है
