मटका फोड़ प्रतियोगिता: जिले के सिमरा गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ. इस अवसर पर गांव में पारंपरिक मटका फोड़ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा. पूरे आयोजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से समूचा इलाका गूंज उठा.
मटका फोड़ में युवाओं का दिखा उत्साह
जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित मटका फोड़ प्रतियोगिता इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रही. मटकी फोड़ने के लिए युवाओं की अलग-अलग टोलियों ने गजब का जोश और संतुलन दिखाया. पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर बंधी मटकी तक पहुंचने की रोमांचक प्रतिस्पर्धा ने दर्शकों को बांधे रखा. बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने तालियों और जयघोष के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया.
सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज में एकजुटता, आपसी भाईचारा और सौहार्द स्थापित करना है. उत्सव की प्रमुख विशेषताएं:
- ग्रामीणों की भागीदारी: बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की मौजूदगी.
- भक्तिमय माहौल: दिनभर भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे.
- सांस्कृतिक परंपरा: युवाओं द्वारा पारंपरिक पिरामिड बनाकर मटका फोड़ने का जीवंत प्रदर्शन.
श्रद्धा व उल्लास के साथ प्रतिमा का हुआ विसर्जन
मटका फोड़ कार्यक्रम के सफल समापन के पश्चात भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा का विधिवत व परंपरागत तरीके से विसर्जन किया गया. श्रद्धालुओं ने नम आंखों और गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक पहुंचाया. वहां विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद प्रतिमा को जल में विसर्जित किया गया.
सैकड़ों श्रद्धालु रहे उपस्थित
कार्यक्रम के सफल संचालन में पूजा समिति के सदस्यों की अहम भूमिका रही. इस मौके पर मुख्य रूप से सुजीत कुमार, करन कुमार, कमलेश कुमार, कन्हैया कुमार, मनीष कुमार, गोलू कुमार, पितांबर कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे.
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