भागवत कथा पुपरी: पुपरी नगर स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर के जालान मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का भव्य व संगीतमय वर्णन किया गया. शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी बजरंग प्रसाद जालान द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में कथा व्यास पूज्य ब्रह्मचारी चंद्रपाल जी महाराज के मुखारविंद से अमृत वर्षा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे.
अधर्म के नाश के लिए धरा पर अवतरित हुए भगवान
कथा व्यास चंद्रपाल जी महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मर्म समझाते हुए कहा कि द्वापर युग में जब कंस के अत्याचारों से धरती कांप उठी, तब धर्म की पुनर्स्थापना और कंस के वध के लिए भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ.
कथा के प्रमुख आध्यात्मिक संदेश:
- अवतार का उद्देश्य: जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब-तब ईश्वर धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेते हैं.
- अहंकार से मुक्ति: भागवत कथा का नियमित और एकाग्रचित्त श्रवण मनुष्य के भीतर व्याप्त अहंकार का समूल नाश करता है.
- जीवन जीने की कला: श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा में जीने की अनुपम जीवन पद्धति और महान दर्शन शास्त्र है.
भजनों पर झूमे भक्त, पुनौरा धाम की हुई विशेष चर्चा
कथा के दौरान छत्तीसगढ़ से पधारे भजन मंडली के कलाकारों ने सुमधुर भजनों की ऐसी तान छेड़ी कि पूरा पंडाल 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंज उठा. व्यासपीठ से महाराज जी ने सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में बन रहे भव्य मां जानकी मंदिर के निर्माण कार्य की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए माता सीता के पावन चरित्र की महिमा का बखान किया.
समारोह में नगर परिषद सभापति ब्रजेश जालान, भगवती देवी जालान, रागिनी जालान, रमेश जालान, गुलाब ठाकुर, पं. अंबिका दत्त झा, प्रहलाद ठाकुर, लोटन प्रसाद, ईओ केशव गोयल, डॉ. श्रीपति झा, ब्रजमोहन चौधरी, राजीव राज, अनिल कुमार, पंकज ठाकुर, रितेश खेतान, आशुतोष जालान, गोविंद जालान और पार्षद गणेश कुमार समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे.
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