हरलेश्वर से नेपाल तक के श्रद्धालुओं की तैयारी शुरू, जानिए कब से शुरू हो रहा है सावन और क्या है खास

इस वर्ष 30 जुलाई से 28 अगस्त तक श्रावण (सावन) मास मनाया जाएगा. प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इस बार सावन में चार सोमवार का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

Sawan 2026: भगवान शिव को समर्पित श्रावण (सावन) मास की शुरुआत इस वर्ष 30 जुलाई से होगी और 28 अगस्त तक चलेगा. सावन के आगमन को लेकर जिले के रामायणकालीन हरलेश्वर स्थान, बाबा नागेश्वरनाथ, बाबा भुवनेश्वरनाथ समेत प्रमुख शिव मंदिरों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं.

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुट गया है.

इस बार सावन में चार सोमवार का विशेष संयोग

ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ेंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है.

ऐसे में हरलेश्वर स्थान सहित जिले के प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. हरलेश्वर मंदिर में हर साल बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा नेपाल से भी श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं.

क्यों खास माना जाता है सावन?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था.

इसके बाद देवी-देवताओं ने भगवान शिव का दही, दूध, शहद, गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक किया. तभी से सावन में शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध और पंचामृत अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है. मान्यता है कि श्रद्धा से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

गुरु पूर्णिमा और रक्षा बंधन का भी रहेगा विशेष संयोग

पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि सावन शुरू होने से एक दिन पहले 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी. यह पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. इस दिन गुरु मंत्र प्राप्त श्रद्धालु अपने गुरु का पूजन करेंगे, जबकि नए साधकों के लिए गुरु मंत्र ग्रहण करना शुभ माना जाता है.

वहीं 28 अगस्त को सावन मास की पूर्णाहुति के साथ रक्षा बंधन का पर्व भी मनाया जाएगा. इस विशेष संयोग के कारण पूरे सावन माह में धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है.


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लेखक के बारे में

रतिकांत पिछले करीब 17 वर्षों से पत्रकारिता में निरंतर कार्यरत हैं. उन्हें राजनीति, धर्म-अध्यात्म, पर्व-त्योहार, अपराध, सामाजिक सरोकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं जैसे बहुआयामी विषयों पर लगातार सटीक रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव प्राप्त है.

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