Haleshwarnath Temple: सीतामढ़ी में सावन मास की पहली सोमवारी को लेकर धार्मिक उत्साह चरम पर है. 3 अगस्त को भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए जिले के प्रमुख शिवालयों में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समितियों ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं.
इन प्रमुख शिवालयों में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
पहली सोमवारी पर बाबा हलेश्वरनाथ मंदिर, जानकी मंदिर परिसर स्थित शिवालय, पुनौराधाम, बगही धाम, पुपरी, सुरसंड, सोनबरसा, बैरगनिया सहित ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख शिव मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है.
श्रद्धालु बागमती, लखनदेई, अधवारा समूह की नदियों और विभिन्न सरोवरों से जल लेकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे.
पूरे दिन होंगे धार्मिक आयोजन
मंदिरों में सुबह से देर रात तक रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन-कीर्तन और महाआरती का आयोजन किया जाएगा. पहली सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है.
सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बाबा हलेश्वरनाथ मंदिर समेत अन्य प्रमुख शिवालयों में बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं.
मंदिर परिसरों में पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती रहेगी. साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है.
पूजा का धार्मिक महत्व
पंडित मुकेश कुमार मिश्र के अनुसार, सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
बाजारों में बढ़ी रौनक
पहली सोमवारी को लेकर जिले के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है. बेलपत्र, फूल-माला, पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. खासकर महिला श्रद्धालुओं में पहली सोमवारी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है.
