Fake Teacher Case: सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की जांच के बाद दो प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर बहाल तीन शिक्षकों के खिलाफ महिंदवारा थाने में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है.
फर्जी सीटेट/बीटेट अंक पत्र के आधार पर पाई थी नौकरी
पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर चल रही निगरानी जांच के दौरान पाया गया कि तीनों शिक्षकों ने नियोजन के समय फर्जी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रमाण पत्र जमा किया था. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB), पटना द्वारा सत्यापन कराने पर तीनों के अंक पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए. धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र के तहत अवैध रूप से नौकरी पाने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है.
इन 3 शिक्षकों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
- खुशबू कुमारी: प्रावि कुनकुन राय टोला (फुलवरिया) में कार्यरत, निवासी- कुण्डल (महिंदवारा, सीतामढ़ी).
- राजलक्ष्मी यादव: प्रावि कुनकुन राय टोला (फुलवरिया) में कार्यरत, निवासी- गणेशपुर (अहियापुर, मुजफ्फरपुर).
- संजय कुमार: प्रावि कुण्डल में कार्यरत, निवासी- गणेशपुर (अहियापुर, मुजफ्फरपुर).
अन्य आरोपियों की भी होगी तलाश
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुअनि हकीम उद्दीन के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि फर्जी अंक पत्र के जरिए सरकारी राशि का नाजायज लाभ लिया गया, जो कि एक संज्ञेय अपराध है. इस फर्जीवाड़े के सिंडिकेट में शामिल अन्य अज्ञात लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस आगे का अनुसंधान कर रही है.
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