Sitamarhi News: सरकार की "हर घर नल, हर घर जल" योजना को लेकर हरिहरपुर पंचायत के वार्ड संख्या-11 से सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि एक ओर लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी पानी टंकी का पानी खेतों में बहाया जा रहा है.
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने योजना के संचालन और निगरानी पर सवाल उठाए हैं.
खेतों में बह रहा टंकी का पानी
ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड संख्या-11 में लगी नल-जल योजना की पानी टंकी से अवैध रूप से सीधे धान के खेतों में पानी छोड़ा जा रहा है.
सामने आई तस्वीरों में टंकी से निकलने वाला पानी खेत में भरता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे जलजमाव की स्थिति बन गई है.
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई घरों में पीने का पानी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहा है. महिलाओं को पानी लाने के लिए दूर तक जाना पड़ रहा है.
कुछ ग्रामीणों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर आरोप लगाया कि सरकारी पानी के इस दुरुपयोग में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत है. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
PHED ने जांच का दिया भरोसा
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और पीएचईडी विभाग की उदासीनता के कारण सरकारी योजना का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है.
मामले पर पीएचईडी के कनीय अभियंता मनीष कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी. वीडियो के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजना का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
योजना के उद्देश्य पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि हर घर नल-जल योजना का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि सरकारी पानी का उपयोग खेतों की सिंचाई के लिए किया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
अब लोगों की नजर विभागीय जांच पर है कि आरोपों की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.
