Sitamarhi Nagar Nigam: सीतामढ़ी के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में अब सिर्फ सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि खर्च और भुगतान की भी हर महीने गहन समीक्षा होगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश और नगर विकास विभाग के निर्देश के बाद डीएम रिची पांडेय ने वित्तीय अनियमितताओं पर सख्ती के संकेत दिए हैं.
सिर्फ सफाई नहीं, भुगतान का भी होगा ऑडिट
डीएम रिची पांडेय ने बताया कि समीक्षा के दौरान ठोस कचरा प्रबंधन, नाला सफाई, सड़क सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव सहित सभी योजनाओं की प्रगति देखी जाएगी. इसके साथ ही विभिन्न एजेंसियों और संवेदकों को किए गए भुगतान की भी जांच होगी.
अनियमित भुगतान पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएम ने कहा कि कई मामलों में नियमों के विपरीत भुगतान, कार्य के अनुपात से अधिक राशि जारी करने और बिना समुचित जांच के भुगतान की शिकायतें मिली हैं. अब ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा. यदि किसी योजना में वित्तीय अनियमितता या अधिक भुगतान पाया गया तो संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
कर वसूली एजेंसी के भुगतान पर भी उठे थे सवाल
नगर निगम में कर वसूली एजेंसी को किए गए भुगतान को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है. निगम बोर्ड की बैठक में पार्षद अमरेंद्र कुमार गुड्डू ने निर्धारित चार प्रतिशत की जगह करीब 10 प्रतिशत भुगतान किए जाने का आरोप लगाया था. नई समीक्षा व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों की भी जांच की जाएगी.
टेंडर और गुणवत्ता की भी होगी जांच
जिला प्रशासन यह भी जांच करेगा कि नगर निकायों में एजेंसियों के साथ हुए करार, निविदा प्रक्रिया और भुगतान विभागीय नियमों के अनुरूप हैं या नहीं. साथ ही कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान से जुड़े अभिलेखों का भी मिलान किया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि नियमित निगरानी से सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और नगर निकायों में पारदर्शिता बढ़ेगी.
क्या बोले डीएम?
डीएम रिची पांडेय ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट और नगर विकास विभाग के निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा. अब नगर निकायों में साफ-सफाई के साथ खर्च और भुगतान की भी हर महीने समीक्षा होगी. अधिक भुगतान या वित्तीय अनियमितता मिलने पर दोषी अधिकारी और संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी."
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