25-30 मकानों पर चला बुलडोजर

नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत मेहसौल रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में अब तेजी आने की पूरी उम्मीद है. जिन कारणों से निर्माण कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में बाधा पहुंच रहा था, उन कारणों का समाधान कर लिया गया है.

सीतामढ़ी. नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत मेहसौल रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में अब तेजी आने की पूरी उम्मीद है. जिन कारणों से निर्माण कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में बाधा पहुंच रहा था, उन कारणों का समाधान कर लिया गया है. पहली बाधा जमीन अधिग्रहण की थी, जिसका समाधान जिला प्रशासन द्वारा पहले ही कर लिया गया था. जमीन अधिग्रहण के बाद संबंधित व्यक्तियों को मुआवजा की राशि दी जा चुकी थी. दूसरी बाधा थी अतिक्रमित व अधिग्रहित जमीन को मुआवजा प्राप्त करने के बावजूद मकान मालिकों द्वारा मकान व जमीन खाली नहीं करना. बुधवार को जिला प्रशासन द्वारा ऐसे मकानों एवं अन्य ढ़ांचाओं पर बुलडोजर चलाकर उक्त बाधा को भी दूर कर लिया गया है. डुमरा सीओ डौली कुमारी से मिली जानकारी के अनुसार, डीएम रिची पांडेय के आदेश के आलोक में बुधवार को शहर के आजाद चौक से लेकर मेहसौल इलाके के वार्ड संख्या-38 की सीमा, जहां तक आरओबी का निर्माण होना है, तक सड़क के उत्तरी हिस्से के करीब 25-30 अधिग्रहित एवं अतिक्रमित मकानों व अन्य ढ़ांचाओं को जेसीबी मशीन व नगर निगम के सफाई कर्मियों के द्वारा हटाया गया. वहीं, आज भी अभियान जारी रहेगा. आज सड़क के दक्षिणी हिस्से के तमाम अधिग्रहित एवं अतिक्रमित मकानों पर बुलडोजर चलाकर जमीन खाली करायी जायेगी. आजाद चौक स्थित टॉवर का भी ध्वस्तीकरण किया जायेगा. सीओ ने बताया कि जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित कर उन्हें मुआवजा भी दे दिया जा चुका है, उन लोगों के द्वारा भी बार-बार नोटिस के बावजूद घर व जमीन खाली नहीं किया जा रहा था. हालांकि, कई लोगों द्वारा खुद ही मकान खाली कर दिया गया था, लेकिन ज्यादातर लोग कब्जा नहीं छोड़े थे. अंतत: डीएम के आदेश पर उक्त कार्रवाई की गयी. — पूरी कार्रवाई के दौरान कैंप करते रहे अधिकारी डीसीएलआर, सदर अमित राज, सीओ डौली कुमारी, पुल निगम जेई व टाउन प्लानर राहुल कुमार पूरी कार्रवाई के दौरान वहां कैंप करते रहे. अभियान में नगर निगम के टैक्स दारोगा कालिकानंदन प्रसाद समेत तीन जेसीबी चालक व करीब दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मचारी शामिल थे. वहीं, विधि-व्यवस्था को लेकर मेहसौल थाना के कई पुलिस पदाधिकारियों समेत दर्जनों पुलिस जवान मौजूद रहे. — डेढ़ दशक से लटका हुआ है आरओबी का निर्माण कार्य बता दें कि मेहसौल ओवरब्रिज का निर्माण पिछले करीब डेढ़ दशक से किसी न किसी कारण से लटका हुआ है. आखिरी बार वर्ष-2022 में निर्माण कार्य एक बार फिर से शुरू हुआ. 2023 तक निर्माण कार्य पूरा कर लेना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण समेत अन्य कारणों से 2024 बीत जाने के बाद भी आरओबी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका, जिसके चलते शहर समेत जिले भर के लोगों को शहर आने-जाने में जाम की बड़ी समस्या से जूझना पड़ रहा है.

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Author: VINAY PANDEY

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