Sadar Hospital Negligence: सीतामढ़ी सदर अस्पताल से चिकित्सा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. जिस अस्पताल में खुशबू नई जिंदगी को जन्म देने की उम्मीद लेकर गई थी, उसी अस्पताल की कथित लापरवाही ने उसकी जान जोखिम में डाल दी. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गलत चीरे और सिलाई की वजह से महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है. पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है.
Delivery Operation Case: डिलीवरी के बाद बिगड़ी प्रसूता की हालत
मेजरगंज प्रखंड के कुआरी मदन वार्ड नंबर-5 निवासी विजय कुमार सिंह ने बताया कि उनकी बहू खुशबू कुमारी को 16 जुलाई 2026 को डिलीवरी के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसी शाम ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ. हालांकि, ऑपरेशन के बाद खुशबू का पेट फूलने लगा और उल्टी शुरू हो गई. आरोप है कि 22 जुलाई को सदर अस्पताल ने बिना उचित दस्तावेज दिए मरीज को रेफर कर दिया.
Sitamarhi News: निजी अस्पताल में दोबारा हुआ ऑपरेशन, सड़ी नली निकाली गई
परिजनों ने मरीज को मुजफ्फरपुर के प्रशांत मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया. वहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि सदर अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बच्चेदानी को अन्य अंगों के साथ गलत तरीके से सिल दिया गया था और पेशाब की नली कटकर सड़ चुकी थी. निजी अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन कर सड़े हुए हिस्से को निकाला गया. मरीज की जान तो बच गई, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है.
पांच संस्थाओं को पत्र, क्षतिपूर्ति और कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने सदर अस्पताल की डॉ. मंदिरा और सहयोगियों पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है. परिजनों ने सिविल सर्जन, डीएम, बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री, राज्य महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग को स्पीड पोस्ट के जरिए लिखित शिकायत भेजी है. पीड़ित पक्ष ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परिवार के लिए उचित क्षतिपूर्ति देने की मांग की है.
तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम करेगी मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है. सिविल सर्जन डॉ. रवींद्र कुमार यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही जांच के आदेश दे दिए गए हैं. महिला डॉक्टर पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बनाई गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
