Sitamarhi News: भारत-नेपाल सीमा से सटे बसबिट्टा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय लालदासी में सरकारी योजनाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी और मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी मिलने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) रजनीश कुमार भारती ने नाराजगी जताते हुए जांच और कार्रवाई की चेतावनी दी है. विद्यालय में 140 बच्चों का नामांकन है, लेकिन उपस्थिति पंजी में 122 बच्चों की हाजिरी दर्ज होने के बावजूद मौके पर केवल 73 बच्चे ही मौजूद मिले.
उपस्थिति पंजी और मौके की हाजिरी में अंतर
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी में 122 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई, जबकि विद्यालय में मात्र 73 बच्चे मौजूद मिले. दोनों आंकड़ों में अंतर सामने आने के बाद सरकारी अभिलेखों में गड़बड़ी की आशंका गहरा गई है. बीईओ ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है.
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान बच्चों को दिए जा रहे मध्याह्न भोजन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली. बच्चों की थाली में केवल आलू, हल्दी और पानी जैसी पतली सब्जी परोसी गई थी. ग्रामीणों और बच्चों के अनुसार भोजन निर्धारित मानकों और मीनू के अनुरूप नहीं दिया जा रहा था.
अंडा और फल नहीं मिलने की बच्चों ने की शिकायत
बच्चों ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें अंडा और फल नहीं दिया जाता है, जबकि निर्धारित मीनू के अनुसार इनका वितरण किया जाना चाहिए. बच्चों की शिकायत के बाद विद्यालय में मिड-डे मील योजना के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
लंबे समय से भोजन के नाम पर खानापूर्ति का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से भोजन के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और बच्चों के पोषण के साथ खिलवाड़ हो रहा है. निरीक्षण के बाद विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बबिता कुमारी की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है.
जांच के बाद होगी विभागीय कार्रवाई
बीईओ रजनीश कुमार भारती ने कहा कि निरीक्षण में उपस्थिति और मध्याह्न भोजन दोनों मामलों में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं मिली हैं. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. आरोप सही पाए जाने पर प्रधानाध्यापिका बबिता कुमारी सहित संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
ग्रामीणों ने नियमित निगरानी की मांग की
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय की नियमित निगरानी कराने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ निर्धारित मानकों के अनुरूप पोषण भी मिलना चाहिए.
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