सीतामढ़ी में 16 साल से स्कूल में पढ़ा रहे थे दो फर्जी शिक्षक, सर्टिफिकेट जांच के बाद हुआ खुलासा

Bihar News: सीतामढ़ी से एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है. जहां 16 साल से काम कर रहे दो फर्जी शिक्षक पकड़े गए हैं. बता दें की बेलसंड व बथनाहा प्रखंड के स्कूलों में फर्जी सर्टिफिकेट दिखाकर इन दोनों शिक्षकों ने नौकरी ली थी. सर्टिफिकेट जांच की गई तो इन दोनों शिक्षकों का खुलासा हुआ है.

Bihar News: सीतामढ़ी से एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है. जहां 16 साल से काम कर रहे दो फर्जी शिक्षक पकड़े गए हैं. बता दें की बेलसंड व बथनाहा प्रखंड के स्कूलों में फर्जी सर्टिफिकेट दिखाकर इन दोनों शिक्षकों ने नौकरी ली थी. सर्टिफिकेट जांच की गई तो इन दोनों शिक्षकों का खुलासा हुआ है. अब इन शिक्षकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि निगरानी अन्वेषण जांच ब्यूरो ने जांच में फर्जी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट पर बहाल शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए बेलसंड व बथनाहा थानाध्यक्ष को पत्र भेजा है.

विजिलेन्स विभाग मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र के वरीय पुलिस उपाधीक्षक कन्हैया लाल ने थानाध्यक्ष को अलग-अलग पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है. साथ हीं इन शिक्षकों व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है.

शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र की हो रही जांच

पुलिस उपाधीक्षक ने थानाध्यक्ष से बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2006 से 2015 तक के नियोजित शिक्षकों का शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक आदि प्रमाण पत्रों की निगरानी जांच चल रही है. इसका आदेश निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पुलिस अधीक्षक पटना ने दी है. अभी सीतामढ़ी जिले के उक्त वर्षों में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक-प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच चल रही है.

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प्रमाण पत्र सत्यापन करने के बाद फेक पाया गया

संबंधित प्राधिकार व बोर्ड से इन दोनों शिक्षकों का प्रमाण पत्र सत्यापन करने के बाद फेक पाया गया है. उन्होंने कहा है कि स्थापना डीपीओ द्वारा उपलब्ध कराए गए फोल्डर में शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के जांच के क्रम में बेलसंड प्रखंड के ग्राम पंचायत राज महथी उर्फ चंदौली के तहत नियोजन वर्ष 2008 में प्रावि भड़वारी डोम टोला में पदस्थापित शिक्षक सुबोध कुमार पिता राधेश्याम ठाकुर महिन्दवारा भाया रामपुरहरि थाना रुन्नीसैदपुर निवासी द्वारा नियोजन के समय जमा किए गये शिक्षक प्रशिक्षण अंक पत्र वर्ष 2002-03, रौल नंबर 073, रौल कोड एयू, प्राप्ताक 1363 का सत्यापन एससीईआरटी असम गोहाटी व डायट कचर उधारबोंड असम से कराने पर फर्जी पाया गया.

एफआईआर दर्ज कर जांच करने की अपील

इसी तरह बथनाहा प्रखंड नियोजन इकाई के तहत मवि पोखरभिंडा में वर्ष 2008 में पदस्थापित मवि हरनहिया जलसी के शिक्षक सुशील कुमार साकिन पो. रेवासी थाना रीगा का शिक्षक प्रशिक्षण अंक पत्र वर्ष 2006-07, रौल नंबर 028, रौल कोड एएम, प्राप्तांक 1776 एससीईआरटी असम गोहाटी के कार्यालय अभिलेख से सत्यापन कराने पर अंक पत्र फर्जी व मनगढंत पाया गया है.

ये दोनों शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर अज्ञात के साथ मिलीभगत कर नियोजन प्राप्त किए हैं. जांच करने के दौरान फर्जी पाए गए हैं. दोनों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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