Sitamarhi News: बागमती नदी में संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर रुन्नीसैदपुर प्रखंड के तटबंध के भीतर बसे करीब आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों परिवार दहशत में हैं. लगातार हो रही बारिश के बीच बागमती के बाएं तटबंध पर कई स्थानों पर रेनकट बनने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है. हालांकि जल संसाधन विभाग का दावा है कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और रेनकट की मरम्मत का कार्य लगातार कराया जा रहा है.
बाढ़ की आशंका से भरथी, शिवनगर, इब्राहिमपुर का आधा भाग, बघौनी, रक्सिया, मधौल और तिलकताजपुर के कुछ हिस्सों के लोग सबसे अधिक चिंतित हैं. ये सभी गांव तटबंध के भीतर स्थित हैं और हर वर्ष बाढ़ की मार झेलते हैं.
पांच दशक बाद भी नहीं हुआ पुनर्वास
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 1975 में तटबंध निर्माण के समय पुनर्वास का वादा किया गया था, लेकिन करीब 50 वर्ष बाद भी तिलकताजपुर पंचायत के भरथी गांव के लोगों का पुनर्वास नहीं हो सका. तटबंध के भीतर रहने वाले लोग हर साल करीब चार लाख क्यूसेक पानी का दबाव झेलने को मजबूर हैं.
रेनकट और चूहों के बिल बने चुनौती
ग्रामीणों के अनुसार तटबंध पर चूहों के बिल और बारिश से बनने वाले रेनकट सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं. इस वर्ष तटबंध के किनारों पर मिट्टी भराई, रैट होल, फॉक्स होल और माउस होल बंद करने का कार्य कराया गया है. साथ ही जियो बैग लगाकर तटबंध को मजबूत करने का प्रयास भी किया गया है.
इसके बावजूद खड़का, इब्राहिमपुर, रैनशंकर से लेकर रून्नीसैदपुर तक कई स्थानों पर बारिश के कारण छोटे-बड़े रेनकट बन गए हैं. इब्राहिमपुर और रैनशंकर के बीच सबसे बड़ा रेनकट बना है.
विभाग बोला, तटबंध पूरी तरह सुरक्षित
इब्राहिमपुर निवासी राजाराम पंडित, देवनारायण बैठा, कमलेश पासवान और अरविंद बैठा ने बताया कि इस वर्ष तटबंध की सुरक्षा के लिए पहले की तुलना में अधिक काम हुआ है, लेकिन लगातार बारिश के कारण रेनकट का खतरा बना हुआ है.
बागमती प्रमंडल, रुन्नीसैदपुर के कार्यपालक अभियंता विपिन कुमार ने कहा कि तटबंध के सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया गया है. मिट्टीकरण लगातार जारी है और जहां-जहां रेनकट बने हैं, वहां भी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है. उनके अनुसार तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है.
