Family planning camp issue: सीतामढ़ी जिला के पुपरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) सह अनुमंडल अस्पताल में बुधवार को परिवार नियोजन पखवाड़े के तहत आयोजित बंध्याकरण शिविर में भारी कुव्यवस्था देखने को मिली. मनु सिद्धि एजेंसी द्वारा आयोजित इस शिविर में बदइंतजामी को लेकर मरीजों के परिजनों और आशा कार्यकर्ताओं ने जमकर नाराजगी जताई. भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक मयस्सर नहीं हुईं.
चदरा शेड के नीचे बिना पंखे और बेडशीट के तड़पते रहे मरीज
शिविर में कुल 7 महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया था. ऑपरेशन के बाद मरीजों को चदरा शेड के नीचे खुले में ठहराया गया था. चिलचिलाती गर्मी के बाद भी वहां पंखे की कोई व्यवस्था नहीं थी. आवापुर से बंध्याकरण कराने आईं महिला मरीज चांदनी खातून, नीतू कुमारी और तब्बसुम प्रवीण के परिजनों ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण ऑपरेशन के बाद मरीजों की हालत बेहाल हो गई. वहीं, मरीजों के साथ आईं आशा कार्यकर्ता सुमित्रा देवी, सुनीता देवी, सीता कुमारी और राधा कुमारी ने अस्पताल प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बेड पर बिछाने के लिए चादर तक उपलब्ध नहीं थी. इसके अलावा, शेड के आसपास घने जंगल और गंदा पानी जमा होने के कारण मरीजों में संक्रमण (Infection) फैलने का भी बड़ा खतरा बना हुआ था.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बोले- 'संसाधन सीमित, चालू कराए गए पंखे'
कुव्यवस्था के इन आरोपों पर सफाई देते हुए पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कफील अख्तर अंसारी ने बताया कि इस पूरे कार्यक्रम के प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी के जिम्मे है. नियमानुसार, यदि एजेंसी व्यवस्था करने में विफल रहती है, तो पीएचसी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है. उन्होंने बताया कि चदरा शेड के नीचे 2 पंखे लगे हुए हैं, जिन्हें शिकायत मिलने के बाद तुरंत चालू करा दिया गया है ताकि मरीजों को गर्मी से राहत मिल सके. डॉ. अंसारी ने कहा कि अस्पताल प्रशासन सीमित संसाधनों के भीतर भी मरीजों को बेहतर सुविधा देने का हरसंभव प्रयास कर रहा है.
