छह शर्तों के साथ गोद ले सकते हैं बच्चा फोटो नंबर- 16 दीप प्रज्वलित करते डीएम व जिप अध्यक्ष. डुमरा. समाहरणालय के सभागार में सोमवार को बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन डीएम राजीव रौशन व जिप अध्यक्ष इंद्ररानी देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. मौके पर डीएम श्री रौशन ने कहा कि दत्तक ग्रहण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से जैविक माता-पिता से स्थायी रूप से अलग हो चुका बच्चा सभी अधिकारों, विशेष लाभों व दायित्वों के साथ-साथ दत्तक ग्रहण करने वाले नये माता-पिता के पास जाकर उनकी वैधिक संतान बन जाता है. इसके लिए किशोर न्याय अधिनियम बनाया गया है. जिप अध्यक्ष इंद्ररानी देवी ने कहा कि इस अधिनियम के तहत किसी बच्चे को परिवार प्रदान करने के इच्छुक व्यक्ति उसे गोद ले सकता है. कौन कर सकता है दत्तक ग्रहण अनाथ बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम दो हजार के तहत अनाथ बच्चों को गोद लिया जा सकता है. बच्चे की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए गोद लेने वाले माता-पिता की आय का उचित व नियमित श्रोत होना चाहिए. माता-पिता में से किसी को भी गंभीर बीमारी नहीं होनी चाहिए कि जो बच्चों की देखरेख में आड़े आये. माता-पिता में किसी का भी आपराधिक रिकार्ड नहीं होना चाहिए. दोनों दत्तक ग्रहण करने वाले दंपति की आयु कुल मिला कर 90 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. एकल माता-पिता भी बच्चा गोद ले सकते हैं. बताया गया है कि नर्सिंग होम व अस्पताल से बच्चा गोद लेना गैर कानूनी है. मौके पर डीडीसी ए रहमान, एसडीसी गोपाल शरण, चंदन कुमार चौहान, डीएसपी राकेश कुमार, परिणीता, नागेंद्र प्रसाद सिंह, मालती समागार व श्याम किशोर समेत अन्य मौजूद थे.
छह शर्तों के साथ गोद ले सकते हैं बच्चा
छह शर्तों के साथ गोद ले सकते हैं बच्चा फोटो नंबर- 16 दीप प्रज्वलित करते डीएम व जिप अध्यक्ष. डुमरा. समाहरणालय के सभागार में सोमवार को बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन डीएम राजीव रौशन व जिप अध्यक्ष इंद्ररानी देवी ने संयुक्त […]
