इबादत संवैधानिक अधिकार : अरमान

इबादत संवैधानिक अधिकार : अरमान सीतामढ़ी. रहमानिया युवा एकता कमेटी के तत्वावधान में रविवार को मेहसौल स्थित कार्यालय परिसर में बाबरी मसजिद की 23 वीं शहादत दिवस मनाया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष मो अरमान अली ने की. वक्ताओं ने कहा कि छह दिसंबर 1992 हिंदुस्तान के इतिहास का काला दिन था. इससे संपूर्ण हिंदुस्तान […]

इबादत संवैधानिक अधिकार : अरमान सीतामढ़ी. रहमानिया युवा एकता कमेटी के तत्वावधान में रविवार को मेहसौल स्थित कार्यालय परिसर में बाबरी मसजिद की 23 वीं शहादत दिवस मनाया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष मो अरमान अली ने की. वक्ताओं ने कहा कि छह दिसंबर 1992 हिंदुस्तान के इतिहास का काला दिन था. इससे संपूर्ण हिंदुस्तान के मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंची. लोकतंत्र में हर धर्म के लोगों को अपने-अपने धर्मानुसार इबादत करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है. परंतु वोट के लिए जातिगत धर्म को प्रभावित कर किसी धार्मिक को ठेस पहुंचाना अनुचित है. बैठक में गुलाब, शमशेर, राजा, कमरुज्जमा, गुड्डु, मुराद समेत दर्जनों सदस्य उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >