छह के खिलाफ सीसीए की कार्रवाई

सीतामढ़ी : विधान परिषद चुनाव के दौरान विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां कर रही है. इसके तहत पूर्व से क्षेत्र में अशांति फैलाते आ रहे जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के आधा दर्जन अपराधियों पर डीएम नेसीसीए के तहत कार्रवाई शुरू है. एसपी ने की थी अनुशंसा चुनाव को ले एसपी […]

सीतामढ़ी : विधान परिषद चुनाव के दौरान विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां कर रही है. इसके तहत पूर्व से क्षेत्र में अशांति फैलाते आ रहे जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के आधा दर्जन अपराधियों पर डीएम नेसीसीए के तहत कार्रवाई शुरू है.
एसपी ने की थी अनुशंसा
चुनाव को ले एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को क्षेत्र में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट करने को कहा था. निर्देश पर विभिन्न थानाध्यक्षों ने आधा दर्जन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है. एसपी से अपराधियों के खिलाफ रिपोर्ट मिलते ही डीएम द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गयी.
अब भी नहीं हैं शांत
उक्त सभी छह अपराधियों के बारे में पुलिस ने डीएम को भेजे रिपोर्ट में बताया है कि छह में से पांच अपराधी जेल से बाहर हैं. इन लोगों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया है. पुलिस की माने तो उक्त अपराधियों द्वारा लोगों को धमकी देना व अन्य तरह से क्षेत्र में अशांति फैलाने का काम अब तक जारी है. इन सबों पर सीसीए की कार्रवाई होने के बाद इनकी गतिविधियों पर लगाम लगाया जा सकता है.
इन अपराधियों पर होनी है कार्रवाई
सोनबरसा के लोहखड़ गांव के लालू पासवान पर सीसीए तहत कार्रवाई होनी है. लालू पर छह मुकदमा है. वह जेल से बाहर है. लोहखड़ के ही पप्पू सहनी पर चार केस है और वह भी फिलहाल जेल से बाहर है.
सोनबरसा थाना क्षेत्र के हीं पकड़िया के देवेंद्र ठाकुर भी पुलिस की लिस्ट में शामिल हैं. देवेंद्र पर सोनबरसा थाना में पांच, बेलसंड थाना में तीन मामले हैं. सहियारा थाना क्षेत्र के सुबोध पासवान पर सहियारा, कन्हौली व सोनबरसा थाना में दो-दो मुकदमा है. पुपरी थाना क्षेत्र के यदुपट्टी के सिकंदर मांझी पर दो मुकदमा तो उसी गांव के अमरेश चौधरी पर दो मुकदमा है.
हो सकते हैं जिला बदर
डीएम डॉ प्रतिमा के कड़े रुख से यह माना जा रहा है कि इन छह अपराधियों पर जिला बदर की कार्रवाई भी संभव है. सीसीए के तहत जिला बदर की कार्रवाई की जाती है. यह कार्रवाई नहीं होने पर कम से कम थाना पर हाजिरी बनाना जरूरी होता है. यानी की संबंधित अपराधी को यह दर्शाना होता है कि वह गलत गतिविधियों में नहीं है और उससे पुलिस व आम जनता को कोई परेशानी नहीं होनेवाली है.

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