नानपुर : प्रखंड क्षेत्र में एमडीएम मजाक बन कर रह गया है. जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद विभागीय अधिकारी एमडीएम को सुचारु रूप से संचालन कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं. बराबर किसी न किसी कारण से आधा दर्जन स्कूलों में एमडीएम बंद हीं रहता है. यही कारण है कि नामांकित बच्चों की तुलना में काफी कम बच्चे स्कूल आते हैं.
388 में 180 बच्चे मौजूद
प्राथमिक विद्यालय, महम्मदपुर का रविवार को जायजा लिया गया. 12:30 बजे तक बच्चों को एमडीएम मिलना तो दूर बन भी नहीं रहा था. प्रधान शिक्षक ने बताया कि चूल्हा टूट जाने के कारण एमडीएम नहीं बना है. कक्षा पांच का छात्र अशोक, सोनू व अंकिता ने बताया कि मेनू के अनुसार एमडीएम नहीं मिलता है.
छात्रवृत्ति की सूची नष्ट
बच्चों ने बताया कि छात्रवृत्ति व पोशाक राशि नहीं मिल सकी है. बच्चों की सूची दिखाने पर प्रधान शिक्षक द्वारा कहा गया कि सूची नष्ट हो गयी है. बच्चों की माने तो स्कूल की व्यवस्था दिन व दिन बदतर होती जा रही है.
मवि में भी एमडीएम नहीं
मध्य विद्यालय मझौर में भी एमडीएम नहीं बना. 776 में 544 बच्चे पहुंचे थे. प्रभारी प्रधान शिक्षिका सुनीता कुमारी ने बताया कि चावल नहीं रहने के चलते एमडीएम नहीं बना है. कक्षा आठ की छात्र पूजा कुमारी व भारती कुमारी समेत अन्य ने बताया कि मेनू के अनुसार एमडीएम नहीं बनता है.
बीइओ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि जिन स्कूलों में एमडीएम बंद है, वहां के प्रधान शिक्षक का एक दिन का वेतन काटा जायेगा. वहीं छात्रवृत्ति व पोशाक राशि वितरण में गड़बड़ी की जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
प्रावि मझौर में बरतन टूटने से नहीं बना एमडीएम
प्राथमिक विद्यालय संत रामदास मझौर में 12:45 बजे 263 में 211 बच्चे मौजूद थे. एमडीएम बंद था. प्रधान शिक्षक रामचंद्र ठाकुर ने बताया कि बरतन टूट जाने से एमडीएम नहीं बना है. प्राथमिक विद्यालय, नरहरी टोल सिरसी की प्रधान शिक्षिका मंजु कुमारी पर बच्चों ने एमडीएम में हकमारी करने का आरोप लगाया है.
बच्चों ने बताया कि छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी है. छात्र-छात्रा क्रमश: सुजीत कुमार, पप्पू कुमार व आंचल कुमारी ने बताया कि छात्रवृत्ति वितरण में प्रधान शिक्षिका द्वारा गड़बड़ी की गयी है.
