Sitamarhi illegal buildings: सीतामढ़ी शहर उच्च भूकंपीय जोखिम वाले जोन में आता है, जहां भवन निर्माण नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है. नगर निगम क्षेत्र में तेजी से बहुमंजिला और व्यावसायिक भवन खड़े हो रहे हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के कराया जा रहा है. यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि शहरवासियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है.
Nagar Nigam News: भवन तो हजारों, पर नक्शा सिर्फ 900 का
नगर निगम के होल्डिंग टैक्स सर्वे से जुड़ी एजेंसी स्पैरो सॉफ्टेक के अनुसार, विद्युत कनेक्शन के आधार पर निगम क्षेत्र में 38 हजार से अधिक भवन हैं, जिनमें से करीब 23 हजार भवनों का सर्वे पूरा हो चुका है. वहीं जाति आधारित गणना में निगम क्षेत्र में 40 से 50 हजार भवनों का उल्लेख मिलता है. इसके विपरीत, नगर निगम के प्रधान सहायक अरुण कुमार चौबे के अनुसार, पूरे निगम क्षेत्र में केवल 800 से 900 भवनों का ही नक्शा स्वीकृत है.
Earthquake Zone Building Rules:भूकंपरोधी मानकों और सुरक्षा की अनदेखी
सीतामढ़ी संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद यहां भवन निर्माण में भूकंपरोधी डिजाइन, अग्नि सुरक्षा, पार्किंग, सेटबैक और खुले स्थान संबंधी अनिवार्य मानकों का पालन नहीं हो रहा है. शहर के विभिन्न इलाकों में बिना तकनीकी जांच के ऊंची इमारतें बन रही हैं, और प्रभावी निगरानी व्यवस्था न होने के कारण यह लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है.
Municipal Corporation Map Approval: राजस्व को भारी चपत और टाल-मटोल रवैया
बिहार भवन उपनियम 2014 के तहत निर्माण से पहले नक्शा स्वीकृत कराना और शुल्क जमा करना अनिवार्य है. अवैध निर्माण के कारण नगर निगम को नक्शा शुल्क और जुर्माने के रूप में करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई के बजाय केवल टाल-मटोल की स्थिति बनी हुई है.
अधिकारियों का पक्ष और चेतावनी
नगर आयुक्त डॉ गजेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि बिना नक्शा पास कराए निर्माण कराने वाले लोग खुद बड़ा जोखिम उठा रहे हैं. शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है और अवैध निर्माण के खिलाफ जल्द ही विशेष सख्ती बरती जाएगी.
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