रीगा थाना क्षेत्र के रामनगरा का मामला
महमदपुर भासर का रहनेवाला है सजा पानेवाला राम प्रमोद सिंह
पति की पिटाई से बुरी तरह जख्मी किरण ने इलाज के क्रम में तोड़ा था दम
23 जनवरी को कोर्ट ने दिया था दोषी करार
डुमरा कोर्ट : प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश किशोर कुमार सिन्हा ने मंगलवार को पत्नी की हत्या के एक मामले में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद नगर थाना क्षेत्र के महमदपुर भासर गांव निवासी किशुन सिंह के पुत्र राम प्रमोद सिंह को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनायी है. साथ ही 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है.
अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा.
कोर्ट ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की राशि मृतका के उत्तराधिकारी को देय होगा. भादवि की धारा 302 में कोर्ट ने दोषी ठहराया था.
मामले में सरकार पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सिया रघुनंदन शरण ने पक्ष रखा. मालूम हो कि मेजरगंज थाने के बसबिट्टा की किरण उर्फ सुंदर भारती के पिता बाबूलाल महतो ने 2012 में अपनी पुत्री की हत्या की बाबत रीगा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें दामाद राम प्रमोद सिंह को आरोपित किया था.
बताया था कि दामाद व पुत्री व बच्चों के साथ सीतामढ़ी में डेरा लेकर रहता था. वहीं दामाद पूरे परिवार के साथ मुंबई में रहता था. हत्या से एक सप्ताह पूर्व उसकी पुत्री ने उसे फोन कर बताया था कि उसका पति और चचेरा देवर शेखर उनके साथ बुरी तरह मारपीट करता है. जिससे तंग आकर वह अपने मौसा रामपृत सिंह के घर रीगा थाने के रामनगरा चली आयी है. 12 मार्च 2012 को राम प्रमोद और शेखर रमनगरा पहुंचकर उसकी पुत्री को बुरी तरह से मारपीट कर घायल दिया. स्थिति काफी गंभीर हो गयी. चिकित्सक ने उसे मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया, जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी.
