शेखपुरा : नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास, 50-50 हजार का जुर्माना

शेखपुरा के पोक्सो न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दो युवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोनों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है. यह फैसला एक जघन्य अपराध को उजागर करता है.

पोक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने दुष्कर्म के साथ नाबालिग की हत्या के मामले में बरबीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत बलवापुर गांव के दो युवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. युवक कुंदन कुमार और हिरण कुमार घटना के बाद से ही जेल में बंद थे.

न्यायालय द्वारा इन दोनों पर 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा दी है. इसके अलावा मृत बालिका के माता-पिता को सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये का प्रतिकर देने का आदेश दिया है.

इस संबंध में जानकारी देते हुए पोक्सो मामलों के विशेष लोक अभियोजक नैला बेगम ने बताया कि 2024 को दोनों बदमाशों ने खेत में साग तोड़ रही बालिका को खींचकर अरहर के खेत में ले गए और वहां दोनों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया तथा बाद में इस घटना को सामने नहीं आने देने को लेकर उसी के दुपट्टे से गले में फंदा लगाकर उसकी हत्या कर दी.

शव मिलने की घटना और पुलिस कार्रवाई

विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि घटना के दिन बहुत देर तक बालिका के घर नहीं आने पर उसके माता-पिता ने उसकी खोज की. खोज के दौरान बालिका का शव बधार के अरहर के खेत में मिला. इस दौरान मृत बालिका के माता-पिता और ग्रामीणों ने उस अरहर के खेत से दोनों युवकों को बाहर निकलते देखा. इस घटना की थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने अनुसंधान कार्य करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के हवाले कर दिया. पुलिस द्वारा परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर दोनों बदमाशों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया. उसके बाद न्यायालय के समक्ष अभियोजन द्वारा प्रभावी तरीके से कुल आठ गवाहों को प्रस्तुत किया गया.

न्यायालय द्वारा धाराओं के तहत दोषसिद्धी

न्यायालय ने उभय पक्षों की दलीलें सुनने और अभियोजन द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों बदमाश युवकों को भारतीय दंड विधान की धारा 302, 376(घ) और पोक्सो की धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सजा सुनाए जाने को लेकर दोनों बदमाशों को शुक्रवार के दिन कड़ी सुरक्षा के बीच पोक्सो के विशेष न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया. सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें पुनः सजा भुगतने के लिए मंडल कारा भेज दिया गया.

अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें

सजा के बिंदु पर जोरदार बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने इस जघन्य कांड को लेकर आरोपी को फांसी देने की मांग की. वहीं दूसरी ओर बदमाशों के बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इस मामले में न्यायालय से कम सजा की गुहार लगाई.


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By Satyendra Kumar

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