शेखपुरा: नवादा के तनपुरा में 7 दिनों से बंद नहर; अरियरी के 52 गांवों में सूखने के कगार पर धान की फसल, नहर खुलवाने नवादा पहुंचे सैकड़ों किसान

नवादा जिले के तनपुरा गांव के पास रोकी गई सिंचाई नहर के कारण अरियरी प्रखंड के 52 गांवों में धान की खेती और सिंचाई ठप पड़ गई है. पानी के अभाव में किसानों की हजारों बीघा फसल सूखने की कगार पर है. मुखिया प्रतिनिधि ने दोनों जिलों के डीएम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

Sheikhpura News: जिले के अरियरी प्रखंड के किसानों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली सिंचाई नहर पिछले एक सप्ताह (सात दिनों) से नवादा जिले के तनपुरा गांव के समीप बंद पड़ी है. नहर का पानी रोके जाने से अरियरी प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के करीब 52 गांवों में धान की खेती और सिंचाई कार्य ठप पड़ गया है. पानी के अभाव में खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और हजारों बीघा में लहलहाती धान की फसल सूखने के गंभीर कगार पर पहुंच गई है. इस नहर से केवल खरीफ फसलों की सिंचाई ही नहीं होती, बल्कि पूरे क्षेत्र के भू-जलस्तर (Groundwater) को रीचार्ज करने और गंभीर पेयजल संकट को टालने में भी इसकी अहम भूमिका रहती है.

मुखिया प्रतिनिधि के नेतृत्व में तनपुरा पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण

नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से आक्रोशित अरियरी प्रखंड के सैकड़ों किसान शुक्रवार को कसार पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि देवेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में नवादा जिले के सीमावर्ती तनपुरा गांव पहुंचे. ग्रामीणों ने वहां जाकर देखा कि तनपुरा गांव की ओर जाने वाले मुख्य पुल के नीचे लोहे का शटर गिराकर पानी के बहाव को पूरी तरह रोक दिया गया है.

पानी के बंटवारे को लेकर ग्रामीणों में नोकझोंक

जब अरियरी के किसानों ने शटर खोलने का प्रयास किया, तो तनपुरा गांव के किसानों ने इसका पुरजोर विरोध किया. तनपुरा के ग्रामीणों का तर्क है कि आगे पानी छोड़ देने से उनके अपने खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता है. इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई. हालांकि, मुखिया प्रतिनिधि देवेंद्र कुशवाहा ने सूझबूझ से हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया और कानून के दायरे में रहकर प्रशासनिक स्तर पर समाधान निकालने का आश्वासन दिया.

सिंचाई विभाग के संबंधित कनीय अभियंता (JE) ने भी मौके पर पहुंचकर तनपुरा के ग्रामीणों को समझाने और नहर का फाटक खोलने का आग्रह किया, लेकिन स्थानीय किसान अपनी जिद पर अड़े रहे. इसके उपरांत कनीय अभियंता ने स्थिति की गंभीरता से शेखपुरा जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है.

दोनों जिलों के डीएम से हस्तक्षेप की गुहार: देवेंद्र कुशवाहा (कोट)

"यह नहर अरियरी प्रखंड के 52 गांवों की लाइफलाइन है. पानी रुकने से हजारों किसानों की मेहनत और लागत बर्बाद होने की कगार पर है. वर्ष 2025 में भी तनपुरा के समीप इसी तरह नहर को बंद कर दिया गया था, जिसे तत्कालीन प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में खुलवाया था. हम नवादा और शेखपुरा दोनों जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को संयुक्त रूप से लिखित आवेदन सौंपकर त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि नहर को तत्काल खुलवाकर किसानों की धान की फसल को बचाया जा सके." देवेंद्र कुशवाहा, मुखिया प्रतिनिधि, कसार पंचायत

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने त्वरित गति से नहर का फाटक नहीं खुलवाया, तो वे व्यापक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे.

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By रंजीत कुमार

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