Sheikhpura News : शेखपुरा शहर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल खांडपर पहाड़ स्थित रामाधुनी महायज्ञ समिति द्वारा आयोजित होने वाले पांच दिवसीय रामधुन महायज्ञ सह अखंड कीर्तन को लेकर मंगलवार को भव्य और विशाल कलश यात्रा निकाली गई.
कलश यात्रा में 201 कुंवारी कन्या और महिलाएं अपने-अपने माथे पर कलश लेकर शहर के विभिन्न सड़क मार्गों से गुजरते हुए 6 किलोमीटर की दूरी की परिक्रमा की.
दाल कुआं से जल भरकर परिक्रमा मार्ग से वापसी
कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु और भक्त खांडपर पहाड़ स्थित संतोषी माता के मंदिर के समीप एकत्रित होकर नए-नए परिधानों में ढोल-बाजे और झंडा-पताका के साथ नीचे उतरे.
साथ ही शहर के राम जानकी मंदिर के समीप ऐतिहासिक दाल कुआं से जल भरकर देवी स्थान, भिट्ठा पर महादेव स्थान, चांदनी चौक, कटरा चौक होते हुए पुनः पहाड़ की चोटी पर स्थापित मंदिर स्थल पर पहुंचे, जहां बनाए गए यज्ञशाला के समीप कलश यात्रा खत्म हुई.
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच महायज्ञ का शुभारंभ
उधर, यज्ञ समिति के सदस्यों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से यज्ञशाला, मंदिर परिसर, सजावट, कलश यात्रा तथा अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है.
समिति के अध्यक्ष रमेश महतो उर्फ लड्डू जी ने बताया कि मनोकामना कलश यात्रा की समाप्ति के बाद विधिवत रूप से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच रामधुन महायज्ञ शुरू हो गया.
श्रद्धालुओं से अपील और समिति के सदस्यों का योगदान
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनें और महायज्ञ को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें.
समिति के कोषाध्यक्ष पवन मेहता, सचिव अजय शर्मा एवं उपाध्यक्ष सुधीर महतो ने बताया कि यज्ञ की सभी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं. यज्ञशाला की सजावट, पूजा सामग्री, श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्था एवं अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
गंगा महाआरती का आयोजन और विशेष आकर्षण
इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के सक्रिय सदस्य गुड्डू कुमार, सोनू, अजीत, विपुल, राजू, सूरज, बंटी, राहुल, टनटन, अभिषेक, विकास, जीतू एवं अन्य सभी सदस्य और स्थानीय श्रद्धालु निरंतर सेवा कार्य में जुटे हुए हैं.
उन्होंने कहा कि 6 अगस्त गुरुवार संध्या 7 बजे शिव-शक्ति संतोषी माता मंदिर प्रांगण में वाराणसी के आचार्यों द्वारा भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा.
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