Sheikhpura News (रंजीत कुमार): मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) राकेश कुमार ने शनिवार, 30 मई को शेखपुरा पहुंचकर स्थानीय साइबर थाने का सघन औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने थाने की विधि व्यवस्था, केस डायरी और तकनीकी विंग का बारीकी से जायजा लिया. उन्होंने थानाध्यक्ष को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि थाने की सभी महत्वपूर्ण संचिकाओं (फाइलों) को पूरी तरह अद्यतन (अपडेट) रखें तथा विभिन्न कांडों के तहत लंबित पड़े मामलों के वैज्ञानिक निष्पादन में तेजी लाएं.
80 केस अभी भी पेंडिंग, बेहतर काम करने के लिए पुलिसकर्मियों को दी जा रही है ट्रेनिंग
साइबर थाने के निरीक्षण के उपरांत मीडियाकर्मियों से औपचारिक बातचीत करते हुए डीआईजी राकेश कुमार ने बताया कि शेखपुरा साइबर थाना में वर्तमान में कुल 80 आपराधिक मामले लंबित हैं, जबकि बेहतरीन अनुसंधान के जरिए 50 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन (डिस्पोजल) किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर को देखते हुए कुल मिलाकर साइबर थाना का कार्य अब तक संतोषजनक रहा है, लेकिन आम जनता को समय पर न्याय दिलाने के लिए लंबित मामलों को शीघ्र निष्पादित करने की सख्त आवश्यकता है.
डीआईजी ने रेखांकित किया कि साइबर ठगी और अपराध के बढ़ते ग्राफ के प्रति आम लोगों को सचेत करने के लिए सरकार विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और विज्ञापनों के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चला रही है. इसके साथ ही, शातिर साइबर अपराधियों द्वारा ठगी के लिए अपनाए जा रहे रोज नए-नए तकनीकी तरीकों से निपटने के लिए जिला पुलिसकर्मियों को भी नियमित रूप से उच्च स्तरीय प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) दिया जा रहा है.
अगले महीने से शुरू होगी ई-ऑफिस प्रणाली, चिन्हित हॉटस्पॉट पर हो रही छापेमारी
डीआईजी ने एक बड़ी प्रशासनिक घोषणा करते हुए बताया कि आगामी जून महीने से शेखपुरा जिला पुलिस महकमे में भी पूरी तरह से ‘ई-ऑफिस’ (e-Office) प्रणाली को लागू कर दिया जाएगा. इस डिजिटल सिस्टम के बहाल होने से पुलिस कार्यालय के दैनिक कार्यों में शत-प्रतिशत पारदर्शिता आएगी और फाइलों के निष्पादन की गति दोगुनी हो जाएगी.
उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पर बात करते हुए माना कि जिले के कुछ खास सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां चिन्हित की गई हैं. इन चिन्हित हॉटस्पॉट के खिलाफ पुलिस की विशेष टीम द्वारा लगातार छापेमारी और तकनीकी सर्विलांस के जरिए दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य प्रयास और लक्ष्य है कि आगामी वर्ष तक शेखपुरा को पूरी तरह से ‘साइबर अपराध मुक्त’ जिला बनाया जा सके.
दो महीने में तैयार हो जाएगी मटोखर दह पुलिस लाइन, एसपी बलिराम चौधरी भी रहे मौजूद
जिले में लंबे समय से लंबित पड़े पुलिस लाइन निर्माण कार्य से जुड़े पत्रकारों के सवाल पर डीआईजी ने एक बड़ी अपडेट दी. उन्होंने कहा कि मटोखर दह स्थित अत्याधुनिक पुलिस लाइन का निर्माण कार्य अब अपने बिल्कुल अंतिम चरण (लास्ट फेज) में प्रवेश कर चुका है. अगले दो महीने के भीतर इसका निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा और इसे जिला पुलिस को हैंडओवर कर दिया जाएगा. नई पुलिस लाइन मिलने से बैरक, शस्त्रागार और परेड की समस्या दूर होगी, जिससे जिले की पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी.
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक और निरीक्षण के विशेष अवसर पर शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक (SP) बलिराम कुमार चौधरी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सहित जिला पुलिस मुख्यालय के कई वरीय पुलिस पदाधिकारी और अंचल निरीक्षक मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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