शेखपुरा में मिल संचालक की गिरफ्तारी पर कलेक्ट्रेट में महिलाओं का प्रदर्शन कहा- 'मनोज को छोड़ो या हमें भी जेल भेजो'

Sheikhpura News: शेखपुरा के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के डोवा डीह गांव निवासी मिल संचालक मनोज कुमार को शराब मामले में गिरफ्तार किए जाने के विरोध में दर्जनों महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं. बीस सूत्री की बैठक में आईं प्रभारी मंत्री श्वेता गुप्ता और अधिकारियों से गुहार लगाते हुए महिलाओं ने उत्पाद दरोगा पर मनोज को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया. मनोज की पत्नी अनुप्रिया कुमारी और शोभा देवी समेत अन्य महिलाओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और मनोज को रिहा करने की मांग की है.

Sheikhpura News (रंजीत कुमार): बिहार के शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय प्रखंड अंतर्गत डोवा डीह गांव में दो दिन पहले शराब कारोबार के आरोप में हुई एक गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर में भारी प्रशासनिक हलचल और हंगामा देखने को मिला. गिरफ्तार मिल संचालक मनोज कुमार को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए गांव की दर्जनों महिलाएं एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंच गईं. शुक्रवार को समाहरणालय में आयोजित जिला बीस सूत्री की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान महिलाएं अपनी गुहार लेकर प्रभारी मंत्री श्वेता गुप्ता और जिले के आला अधिकारियों के सामने डट गईं. महिलाओं ने उत्पाद विभाग के दरोगा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनोज कुमार को एक सोची-समझी साजिश के तहत गलत तरीके से फंसाया गया है.

‘समाजवादी परिसर’ में फूटा महिलाओं का गुस्सा, पंचायत चुनाव की रंजिश का लगाया आरोप

समाहरणालय परिसर में बड़ी संख्या में जुटी महिलाओं ने मीडियाकर्मियों के समक्ष उत्पाद विभाग और स्थानीय विरोधियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली. आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं महिलाओं ने गिरफ्तार मनोज कुमार को साफ-सुथरी और बेदाग छवि का सामाजिक व्यक्ति बताया. उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा, “मनोज पूरी तरह निर्दोष हैं. आगामी पंचायत चुनाव के राजनीतिक माहौल को देखते हुए विरोधियों द्वारा शराब कारोबार का यह बनावटी षड्यंत्र रचा गया है.” महिलाओं ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मनोज के राइस मिल के पीछे जानबूझकर चोरी-छिपे शराब रखवाई गई और फिर उत्पाद विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से छापेमारी करवाकर उन्हें गिरफ्तार करवा दिया गया. महिलाओं ने उग्र लहजे में अधिकारियों से कहा कि अगर झूठे मुकदमे में फंसे मनोज को न्याय नहीं मिल सकता, तो प्रशासन हम सभी महिलाओं को भी जेल भेज दे.

बिजली विभाग का फर्जी कॉल और मिल के पीछे मिली शराब, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से गिरफ्तार मनोज कुमार की पत्नी अनुप्रिया कुमारी और ग्रामीण महिला शोभा देवी सहित दो दर्जन से अधिक महिलाएं शामिल थीं. महिलाओं ने मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उत्पाद विभाग की छापेमारी से ठीक कुछ देर पहले मनोज के मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आया था. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को विद्युत (बिजली) विभाग का कर्मचारी बताया और मनोज को मिल में ही रुकने के लिए कहा.

इसके कुछ ही मिनटों बाद उत्पाद विभाग की टीम अचानक मिल पर आ धमकी और तलाशी लेने लगी. मिल के अंदर की सघन तलाशी में पुलिस को एक बूंद शराब या कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला. लेकिन, सोची-समझी साजिश के तहत मिल के पिछले दरवाजे के ठीक बाहर खुले स्थान पर शराब लाकर रखी गई थी, जिसे टीम ने बरामद दिखा दिया.

उच्च स्तरीय जांच और न्याय की मांग

इस पूरे घटनाक्रम को ग्रामीणों ने पूरी तरह संदेहास्पद और मनगढ़ंत करार दिया है. महिलाओं और परिजनों ने जिला प्रशासन व प्रभारी मंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश हो सके और निर्दोष मनोज कुमार को न्याय मिल सके. अधिकारियों ने महिलाओं को मामले की उचित जांच का भरोसा दिलाया है, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए.

Also Read : बेगूसराय में करंट की चपेट में आए भाई-बहन, हालत गंभीर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aditya Kumar Ravi

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >