Sheikhpura News (प्रदीप कुमार): शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र अंतर्गत नबीनगर ककरार गांव में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही एक हंसते-खेलते परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन गई. गांव में जमीन के बेहद करीब झूल रहे 11 हजार वोल्ट (हाई वोल्टेज) बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से एक किशोर की दर्दनाक मौत हो गई. मृतक की पहचान नबीनगर ककरार गांव निवासी अशोक यादव के पुत्र राहुल कुमार के रूप में की गई है. इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
स्कूल से लौटकर दोस्तों के साथ खेलने गया था राहुल, अचानक छू गया मौत का तार
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, राहुल शनिवार, 30 मई को रोजाना की तरह मध्य विद्यालय से पढ़ाई पूरी कर अपने घर लौटा था. घर पर भोजन करने के बाद वह दोपहर में अपने दोस्तों के साथ गांव के पूर्वी हिस्से में स्थित मैदान की तरफ खेलने चला गया था. खेल-खेल में अचानक उसका हाथ वहां काफी समय से नीचे की ओर झूल रहे हाई वोल्टेज बिजली के तार के संपर्क में आ गया. तार में प्रवाहित हो रहे तेज करंट की चपेट में आते ही राहुल बुरी तरह झुलस गया और पल भर में ही मौके पर उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई.
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया शव
हादसे के वक्त राहुल के साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने जब उसे करंट की चपेट में देखा, तो वे चीखते-चिल्लाते हुए गांव की तरफ भागे. बच्चों का शोर सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण और बदहवास परिजन घटनास्थल की ओर दौड़े. ग्रामीणों ने लाठी-डंडे के सहारे तार को अलग किया, लेकिन तब तक राहुल के प्राण पखेरू उड़ चुके थे. घटना की सूचना मिलते ही अरियरी थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और उत्तेजित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शव को अपने कब्जे में लिया. पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है.
भाई-बहनों में सबसे बड़ा था राहुल, नेताओं ने की मुआवजे की मांग
इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक ढाढस बंधाने सदर अस्पताल पहुंच गए. बताया जाता है कि राहुल अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ा और होनहार था, जिससे पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेहोश हो जा रही है.
इधर, घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने गांव में झूलते बिजली के तारों की लगातार हो रही अनदेखी को लेकर विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. जनप्रतिनिधियों ने दोषी कनीय अभियंता (जेई) और संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत अविलंब चार लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग जिला प्रशासन से की है.
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