शेखपुरा जिला मुख्यालय से सत्येन्द्र कुमार की रिपोर्ट
Sheikhpura News: शेखपुरा जिले में लगातार गहराते पेयजल संकट को लेकर बिहार सरकार की समाज कल्याण मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्वेता गुप्ता ने पहल की है. उन्होंने PHED मंत्री संजय कुमार सिंह को पत्र लिखकर जिले के पथरीले और पठारी क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने का अनुरोध किया है. मंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में इन क्षेत्रों में जल संकट विकराल रूप ले लेता है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
49 पंचायतों में से 18 पंचायतें जल संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित
प्रभारी मंत्री ने अपने पत्र में बताया कि शेखपुरा जिले की कुल 49 पंचायतों में से 18 पंचायतें पथरीले और पठारी भूभाग में स्थित हैं. इन क्षेत्रों में भूजल स्तर कम होने और चट्टानी संरचना के कारण चापाकल भी प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं. ऐसे में लोगों को पेयजल के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.
PHED मंत्री से विशेष कार्य योजना बनाने का अनुरोध
श्वेता गुप्ता ने PHED मंत्री संजय कुमार सिंह से अनुरोध किया है कि प्रभावित पंचायतों के लिए स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कार्य योजना तैयार की जाए. उन्होंने कहा कि पेयजल की समस्या का स्थायी निदान होने से हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी और हर वर्ष उत्पन्न होने वाली जल संकट की स्थिति से निजात मिल सकेगी.
गर्मी में और बढ़ जाती है समस्या
प्रभारी मंत्री ने कहा कि पथरीले एवं पठारी क्षेत्रों में गर्मी के दिनों में जल संकट और भयावह हो जाता है. कई गांवों में पेयजल के स्रोत सूख जाते हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है. पानी की कमी के कारण लोगों को दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी कठिनाई होती है.
इन पंचायतों में सबसे अधिक है पेयजल संकट
जल संकट से प्रभावित पंचायतों में अरियरी प्रखंड के विमान, डीहा, हजरतपुर मड़रों, हुसैनाबाद और सनैया पंचायत शामिल हैं. वहीं घाटकोसुम्भा प्रखंड के गगौर, माफो, डीहकोसुम्भा और भदौंसी पंचायत भी गंभीर पेयजल संकट का सामना करते हैं.
इसके अलावा शेखपुरा प्रखंड के कारे, कुसुम्भा, लोदीपुर, पैन और पुरैना पंचायत, शेखोपुरसराय प्रखंड की पांची पंचायत तथा चेवाड़ा प्रखंड की सियानी, चकंदरा और लहना पंचायतों में भी हर वर्ष पानी की समस्या बनी रहती है.
स्थायी समाधान की उम्मीद
प्रभारी मंत्री की पहल के बाद अब प्रभावित पंचायतों के लोगों को उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी और लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा.
