Flood Assessment: बिहार आपदा प्रबंधन विभाग की तीन सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम शनिवार को बाढ़ के प्रभाव का आकलन करने घाटकोसुम्भा प्रखंड पहुंची. टीम ने प्रखंड के कई प्रभावित इलाकों का दौरा कर मौके पर बाढ़ की स्थिति और नुकसान का जायजा लिया. इससे पहले भी घाटकोसुम्भा में बाढ़ की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी फैलने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है.
फसल और घरों में पानी की स्थिति देखी
प्रखंड क्षेत्र के दौरे के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी अविनाश कुमार ने मीडिया कर्मियों से बातचीत की. उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी से कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है और कुछ घरों में भी पानी देखा गया है.
घाटकोसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित किये जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे बाढ़ से हुए नुकसान की स्थिति सामने आयी है. हालांकि उन्होंने जलजमाव और बाढ़ की स्थिति में अंतर बताया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत और गांव की स्थिति अलग हो सकती है तथा इसकी रिपोर्ट जिला स्तर से भेजी जाती है.
आमरण अनशन के पांचवें दिन पहुंची टीम
घाटकोसुम्भा प्रखंड को केवल जलजमाव क्षेत्र के बजाय बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राज मंडल आमरण अनशन पर हैं. शनिवार को अनशन के पांचवें दिन राज्य स्तरीय टीम के प्रखंड पहुंचने और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने से प्रभावित लोगों को आगे राहत मिलने की उम्मीद जगी है.
प्रखंड कार्यालय में तालाबंदी कर जता चुके हैं विरोध
घाटकोसुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर प्रखंडवासियों में नाराजगी है. स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताया था. शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी इसी मांग को लेकर शेखपुरा कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया.
विधायक और एमएलसी भी उठा चुके हैं मामला
घाटकोसुम्भा क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय एमएलसी ललन प्रसाद और शेखपुरा के विधायक रंधीर कुमार सोनी ने भी प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग उठायी है. दोनों नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित लोगों के लिए सहायता की मांग किये जाने की बात कही गयी है.
राज्य स्तरीय टीम के दौरे के बाद अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट के आधार पर राहत और सहायता को लेकर आगे निर्णय लिया जा सकता है.
