शेखपुरा जिला प्रशासन द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ित दलित व्यक्तियों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए कमर कस ली गई है.
इसे लेकर जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण के विशेष लोक अभियोजक चंद्रमौली यादव के साथ मासिक बैठक आयोजित की.
अगस्त में आठ मामलों में आरोप गठित
बैठक के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अगस्त माह में दलित अत्याचार अधिनियम के तहत हत्या सहित अन्य आठ मामलों में आरोप गठन करते हुए गवाही कलमबद्ध कराने का काम शुरू कर दिया गया है.
न्यायालय में 80 गवाह हुए प्रस्तुत
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अगस्त माह में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण के विशेष न्यायाधीश के समक्ष 80 गवाहों को प्रस्तुत किया गया. इस दौरान न्यायालय ने बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा करते हुए 9 लोगों को दलित उत्पीड़न मामले में दोषी पाते हुए सजा और जुर्माना भी सुनाया.
पीड़ितों को न्याय दिलाने की सलाह
जिला कल्याण अधिकारी ने दलित पीड़ित व्यक्तियों को न्याय दिलाने में विशेष लोक अभियोजक को पूरी तरह संवेदनशील रहने की सलाह दी. उन्होंने न्यायालय कार्य संपादन के लिए लोक अभियोजक को हर प्रकार की मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया और सभी मामलों में प्रभावी तरीके से पक्ष रखने को कहा.
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राज्य मुख्यालय से रखी जा रही नजर
कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिले में दलित उत्पीड़न, उनके कल्याण तथा न्यायालय के कार्यों पर लगातार राज्य मुख्यालय से निगरानी की जा रही है.
