Sheikhpura News : एडीएम लखींद्र पासवान की अध्यक्षता में नये राशन कार्ड निर्माण को लेकर समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और आपूर्ति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल कागजी लक्ष्यों को पूरा करना नहीं, बल्कि जिले के उन अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों तक राशन पहुंचाना है जो आज भी इस बुनियादी अधिकार से वंचित हैं. बैठक में अधिकारियों ने प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष जोर दिया. एडीएम द्वारा निर्देशित किया गया कि राशन कार्ड सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह कई गरीब परिवारों के घर का चूल्हा जलने का जरिया है.
कोई भी योग्य और असहाय व्यक्ति दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाए. उन्होंने कहा कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार के निर्देशों के आलोक में जिले में 13 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर मिशन मोड में नए राशन कार्ड निर्गत करने का फैसला लिया गया है.
पांच लाख से अधिक लाभार्थी
जिले के लिए आंकड़े और लक्ष्य इस प्रकार तय किए गए हैं, जिसमें शेखपुरा जिले में कुल 5,34,385 लाभार्थियों को राशन देने की सीमा तय है. वर्तमान स्थिति में अब तक 5,07,790 लाभुकों को इसका लाभ मिल रहा है. बाकी बचे हुए 26,595 लाभार्थियों के कोटे को भरने के लिए काम किया जा रहा है. जिले में कुल 6,258 नए राशन कार्ड जारी किए जाने हैं. जिले भर में रोज़ाना 209 राशन कार्ड निर्गत करने का लक्ष्य है. गरीबों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन ने प्रखंड स्तर पर इस प्रकार जिम्मेदारी बांटी है. प्रखंड का नाम और प्रतिदिन नए राशन कार्ड का लक्ष्य इस प्रकार है: अरियरी 37, बरबीघा 45, चेवाड़ा 24, घाटकुसुम्भा 16, शेखपुरा 65, शेखोपुरसराय 22, कुल योग 209 प्रतिदिन.
ऑनलाइन आवेदन और चेतावनी
बैठक में यह भी साफ किया गया कि आम लोगों की सहूलियत के लिए Smart PDS Portal के माध्यम से नए राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं. एडीएम ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि रोज़ाना शाम 4:00 बजे तक प्रगति रिपोर्ट जिला आपूर्ति पदाधिकारी के माध्यम से जिला पदाधिकारी को अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी. इस पूरे अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह मामला सीधे जनता के निवाले और उनके हक से जुड़ा हुआ है.
