Shiekhpura News: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये. इस दौरान साक्षरता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने की शपथ ली गयी. इसी क्रम में अरियरी प्रखंड के बेलछी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर बड़ी संख्या में बालिकाओं को साक्षरता के महत्व की जानकारी दी गयी.
प्रतियोगिताओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के बीच साक्षरता को बढ़ावा देने से संबंधित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये. विद्यालय की शिक्षिका ममता पांडे, रूबी कुमारी आदि ने बालिकाओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला.
महिलाओं की साक्षरता पर दिया गया जोर
शिक्षिकाओं ने खासकर महिलाओं की साक्षरता के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे पूरे परिवार और समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि साक्षरता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है. इसके साथ ही समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों और अंधविश्वासों को दूर करने में भी शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है.
अंधविश्वास और कुरीतियों को दूर करने में शिक्षा सहायक
शिक्षिकाओं ने कहा कि शिक्षा और साक्षरता के माध्यम से भूत-प्रेत, डायन जैसी अंधविश्वास की धारणाओं को दूर किया जा सकता है. साक्षर महिलाएं स्वयं जागरूक होने के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी शिक्षित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
साक्षरता से आगे बढ़ रही महिलाएं
कार्यक्रम में बताया गया कि साक्षरता के बढ़ते प्रभाव के कारण महिलाएं आज विभिन्न क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं. शिक्षा महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के साथ परिवार और समाज के विकास में भी उनकी भागीदारी बढ़ा रही है. साक्षर महिलाएं घर को बेहतर ढंग से संभालने के साथ बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.
