शेखपुरा में 1 सितंबर से चलेगा "जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार" अभियान, घर-घर होगी NCD की स्क्रीनिंग, कई जांच मुफ्त

बिहार स्वास्थ्य विभाग 1 सितंबर से 30 नवंबर तक घर-घर जाकर गैर-संचारी रोगों की जांच और उपचार के लिए विशेष अभियान चलाएगा। जानें पूरी जानकारी।

शेखपुरा. बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जिले में 1 सितंबर से "जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार" अभियान शुरू किया जाएगा. यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा. इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर गैर-संचारी रोगों यानी NCD की स्क्रीनिंग करेगी. बीमारी की पहचान होने पर जांच, उपचार, जरूरी परामर्श और फॉलो-अप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी.

अभियान का मकसद समुदाय स्तर पर गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान करना है, ताकि गंभीर स्थिति बनने से पहले मरीज को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. स्क्रीनिंग के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सामान्य कैंसर, हृदय रोग, NAFLD और COPD जैसे रोगों की पहचान की जाएगी. सामान्य कैंसर के तहत मुख, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग होगी.

कई तरह की जांच मुफ्त

अभियान के दौरान जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य संस्थानों पर कई तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसमें CBC, Blood Sugar, HbA1c, Lipid Profile, Liver Function Test, Kidney Function Test, ECG, Pap Smear, Vit-D, Vit-B12, T3, T4 और TSH समेत विभिन्न जांच शामिल हैं.

स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित और संदिग्ध मरीजों को जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा. वहां उनकी आगे की जांच और उपचार की व्यवस्था की जाएगी.

अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी

शेखपुरा जिले में अभियान के संचालन के लिए जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी यानी DNCDO डॉ. नौशाद आलम को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. उनके नेतृत्व में अभियान की गतिविधियों का समन्वय, अनुश्रवण और समीक्षा की जाएगी.

जिला FLC प्रभाष पाण्डेय अभियान के संचालन में आवश्यक समन्वय और सहयोग करेंगे. वहीं जिला कार्यक्रम प्रबंधक दयाशंकर निधि अभियान से जुड़ी व्यवस्थाओं, मानव संसाधन, जांच किट, उपकरण, दवाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे. प्रखंड स्तर पर चलने वाली गतिविधियों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी.

आशा और एएनएम करेंगी घर-घर सर्वे

सिविल सर्जन संजय कुमार के मार्गदर्शन में जिला, प्रखंड और स्वास्थ्य संस्थान स्तर पर अभियान की निगरानी की जाएगी. कमियां सामने आने पर उनका जल्द समाधान कराने पर भी जोर रहेगा.

अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता और एएनएम घर-घर जाकर परिवारों का सर्वेक्षण करेंगी. Community Based Assessment Checklist यानी CBAC के माध्यम से खास तौर पर उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी.

वहीं CHO और ANM की ओर से 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों की NCD स्क्रीनिंग की जाएगी. इसमें लंबाई, वजन और BMI समेत जरूरी जांच शामिल होगी. जांच के बाद चिकित्सकीय परामर्श, उपचार और फॉलो-अप की सुविधा दी जाएगी. गंभीर और जटिल मामलों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा.

NCD Portal पर तुरंत दर्ज होगा डेटा

अभियान के दौरान जुटाए गए आंकड़ों की NCD Portal पर Real Time Entry सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही अभियान की नियमित निगरानी और मूल्यांकन भी किया जाएगा.

सिविल सर्जन संजय कुमार ने जिले के लोगों से अपील की है कि 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी व्यक्ति नियमित रूप से गैर-संचारी रोगों की जांच कराएं. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम के घर पहुंचने या स्वास्थ्य संस्थान में स्क्रीनिंग के दौरान आवश्यक सहयोग करने की अपील की है.

उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार के जरिए गंभीर बीमारियों और उनसे होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है.


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By सतेंद्र कुमार

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