Sheikhpura News : राष्ट्रव्यापी 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को धरातल पर उतारने और जिले को इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह निजात दिलाने के लिए शेखपुरा जिला प्रशासन की पैनी नजर है. इसी कड़ी में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में टीबी मुक्त अभियान की प्रगति की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए गए.
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने जिले में अब तक हुए विभिन्न कार्यों का पूरा लेखा-जोखा लिया. इस दौरान समीक्षा में पाया गया कि जिले के सभी प्रखंडों में टीबी मरीजों की खोज के लिए की जा रही स्क्रीनिंग और स्कैनिंग का काम काफी शानदार रहा है. जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 124 प्रतिशत स्कैनिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिस पर जिला पदाधिकारी ने गहरा संतोष व्यक्त किया.
एक्स-रे कार्य की धीमी रफ्तार पर डीएम ने जताई कड़ी नाराजगी
हालांकि, संभावित मरीजों की सही पहचान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले एक्स-रे (X-Ray) कार्य की रफ्तार समीक्षा में काफी धीमी पाई गई. इस महत्वपूर्ण कार्य में शिथिलता पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने सख्त लहजे में कहा कि एक्स-रे के कार्य में तत्काल प्रभाव से तेजी लाई जाए.
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस कार्य में जल्द सुधार नहीं हुआ और इसी प्रकार ढिलाई जारी रही, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित पदाधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
जन-प्रतिनिधियों की ली जाएगी सक्रिय मदद
इस कल्याणकारी अभियान को एक प्रभावी जन-आंदोलन का रूप देने के लिए जिला पदाधिकारी ने पंचायती राज व्यवस्था को इससे सीधे तौर पर जोड़ने का अहम निर्देश दिया है. उन्होंने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर से सभी पंचायतों के मुखिया और सरपंचों से तुरंत संपर्क स्थापित करें.
टीबी मुक्त अभियान में इन स्थानीय जन-प्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए, ताकि ग्रामीण और जमीनी स्तर पर बीमारी के खिलाफ व्यापक जागरूकता फैलाई जा सके और लोगों को समय पर इलाज मिल सके.
वरीय अधिकारी करेंगे दैनिक मॉनिटरिंग
इसके साथ ही, अभियान की प्रगति पर लगातार पैनी नजर रखने के लिए जिला पदाधिकारी ने आदेश दिया कि जिले के वरीय अधिकारियों द्वारा इस पूरे अभियान की प्रतिदिन गहन मॉनिटरिंग की जाएगी. इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के तमाम आला अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद थे.
इनमें उप विकास आयुक्त (डीडीसी) राकेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सभी उप स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधक तथा अन्य संबंधित स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे.
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