शेखपुरा: पीढ़ियों से जहां दफनाये जाते हैं शव, उस जमीन को धनहर दिखाने पर ग्रामीण नाराज, कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग

शेखपुरा के चकंदरा गांव के ग्रामीण उस वक्त भड़क गए जब श्मशान घाट की पीढ़ियों पुरानी जमीन को सर्वे में धनहर खेती के रूप में दिखाया गया. मंगलवार को दर्जनों ग्रामीण महिला-पुरुष बैनर लेकर शेखपुरा समाहरणालय पहुंचे और प्रशासन से जमीन को सुरक्षित रखने की मांग की.

sheikhpura news: चेवाड़ा प्रखंड के चकंदरा गांव में श्मशान घाट की भूमि को सर्वे कार्य में धनहर खेती के रूप में दर्शाये जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है. मंगलवार को दर्जनों महिला-पुरुष बैनर लेकर सामूहिक विरोध दर्ज कराने शेखपुरा समाहरणालय पहुंचे. ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन का इस्तेमाल पूर्वजों के समय से शवों को दफनाने के लिए किया जाता रहा है, उसे सर्वे में अब धनहर भूमि के रूप में दिखाया जा रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जमीन को श्मशान घाट के रूप में ही सुरक्षित रखने की मांग की.

पीढ़ियों से श्मशान घाट के रूप में हो रहा इस्तेमाल

ग्रामीण सज्जन पासवान ने बताया कि गांव में किसी की मौत होने के बाद पूर्वजों के समय से इसी स्थान पर शव को दफनाया जाता रहा है. यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है. ऐसे में श्मशान घाट की जमीन को धनहर के रूप में दर्ज किये जाने की जानकारी से ग्रामीणों में नाराजगी है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि श्मशान घाट की जमीन का स्वरूप बदल दिया गया, तो आने वाले दिनों में मृतकों को दफनाने के लिए जगह का संकट खड़ा हो सकता है. ग्रामीण महिला बच्ची देवी ने भी कहा कि पूर्वजों के समय से ही इस स्थान का इस्तेमाल श्मशान घाट के तौर पर होता आया है.

महिला-पुरुषों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर रखी आपत्ति

ग्रामीणों ने कहा कि इस जमीन को धनहर के रूप में दर्ज नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि श्मशान घाट के रूप में ही बरकरार रखा जाना चाहिए. इसी मांग को लेकर चकंदरा गांव के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष समाहरणालय पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करायी.

ग्रामीणों ने श्मशान घाट की जमीन को सुरक्षित रखने और सर्वे में उसके स्वरूप को सही तरीके से दर्ज करने की मांग की. मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंचने के बाद अब ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है.

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By सतेंद्र कुमार

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