बिहार में 211 नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू, मैथिली, अरबी, फारसी एवं संस्कृत के शिक्षकों की बहाली तथा अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की मांग उठने लगी है.
इसके साथ ही मदरसा शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान तथा उर्दू अनुवादकों की बहाली सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को लेकर राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया.
राजद के विधान परिषद सदस्य (MLC) व पार्टी के वरिष्ठ नेता मो. कारी सोहैब, एमएलसी अफाक अहमद और तनवीर अंसारी ने इन मुद्दों को मजबूती से रखा है.
राज्यपाल ने दिया सकारात्मक आश्वासन
इस बाबत शेखपुरा के युवा समाजसेवी व राजद नेता मो. वाहिद खान ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर नेताओं ने काफी गंभीरता से अपनी बात रखी.
राज्यपाल ने सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि 211 नए डिग्री कॉलेजों में अगले शैक्षणिक सत्र से उर्दू एवं मैथिली की पढ़ाई होगी तथा इसके लिए आवश्यक नोटिफिकेशन भी जारी किया जाएगा.
मदरसा शिक्षकों के वेतन और अतिथि शिक्षकों की मांग शामिल
इसके अलावा अरबी एवं फारसी के शिक्षकों की बहाली, मदरसा शिक्षकों के लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान, रिक्त पदों पर नियुक्ति, उर्दू अनुवादकों की बहाली तथा अतिथि शिक्षकों की बहाली पूर्व की नियुक्ति नियमावली-2020 के आधार पर करने, अधिकतम आयु सीमा में छूट देने एवं पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने की दिशा में पहल करने की मांग भी रखी गई.
मो. वाहिद ने कहा कि बिहार में शिक्षा की बेहतरी और सामाजिक समन्वय स्थापित करने की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा.
