बेमौसम बारिश से प्याज की फसल चौपट, किसान परेशान

सैकड़ों एकड़ में लहलहाता प्याज हुआ जमींदोज शेखपुरा : जिले में सोमवार को तेज आंधी और बारिश के साथ कई गांवों में ओलावृष्टि भी हुई. इस ओलावृष्टि ने सैकड़ों एकड़ लहलहाती फसल को बरबाद कर दिया. जिले में परंपरागत अर्थव्यवस्था की रीढ़ प्याज की खेती ही है. प्रति वर्ष लगभग डेढ़ से दो हजार एकड़ […]

सैकड़ों एकड़ में लहलहाता प्याज हुआ जमींदोज
शेखपुरा : जिले में सोमवार को तेज आंधी और बारिश के साथ कई गांवों में ओलावृष्टि भी हुई. इस ओलावृष्टि ने सैकड़ों एकड़ लहलहाती फसल को बरबाद कर दिया. जिले में परंपरागत अर्थव्यवस्था की रीढ़ प्याज की खेती ही है. प्रति वर्ष लगभग डेढ़ से दो हजार एकड़ प्याज फसल की खेती होती है.
किसानों ने गत वर्ष बाढ़ की त्रसदी में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्याज फसल पर बड़ा दावं लगाया था. आर्थिक तंगी के बावजूद कर्म के सहारे बड़े पैमाने पर खेती की थी. जहां बर्फबारी नहीं हुई वहां नुकसान मामूली है. परंतु आज बेहतर मुनाफा देनेवाली प्याज की फसल एक माह पहले ही ओलावृष्टि का शिकार हो गयी. वही हाल गेहूं फसल का भी है. खड़ी फसल जमींदोज हो गयी है. अब हार्वेस्टर से कटाई नहीं हो सकेगी, जबकि खराब फसल काटने को मजदूर भी नहीं मिल सकेंगे.
सदर प्रखंड के मुरारपुर गांव निवासी सुधीर महतो कहते हैं कि उन्होंने अपनी बड़ी बच्ची की शादी बगल के पुरनकामा गांव में तय की है. जून-जुलाई माह में शादी होनी थी. शादी में खर्च होनेवाली राशि के लिए दो एकड़ प्याज की खेती की है. विपरीत मौसम में कड़ी मेहनत और देखभाल से फसल इलाके में टॉप थी, परंतु सोमवार की बर्फबारी ने सारे अरमानों पर पानी फेर दिया. अब शादी के लिए जमीन बेचने के सिवा कोई और विकल्प नहीं है. तीन बेटी और एक बेटे का इकलौता कमाऊ पिता फसल की बरबादी की भड़ास मिटाते-मिटाते बिलख पड़ा.
टाल क्षेत्र हुआ सर्वाधिक प्रभावित
सोमवार को ओलावृष्टि से जिले का लगभग दो दर्जन गांव प्रभावित हुआ. दो से तीन सौ ग्राम तक ओले का आकार को देखा गया. ओलावृष्टि की यह आपदा टाल क्षेत्र के डीह कोसुम्भा, भदौस, घाट कोसुम्भा, माफो, कोयला एवं शेखपुरा प्रखंड के नीरपुर, सिरारी, मनिंडा, मानपुर, पैगंबरपुर, पचना गांव, बरबीघा के कई गांव समेत अन्य गांवों में ओलावृष्टि हुई.
कृषकों को हुआ नुकसान
ओलावृष्टि से खास कर रबी एवं प्याज फसलों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. खेतों में ज्यादातर लगे गेहूं, राहड़ एवं सब्जियों को नुकसान हुआ. कृषकों की मानें तब बर्फबारी में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी प्याज की फसल के लिए कृषकों को प्रति बीघा 50 से 60 हजार रुपये की लागत लगती है.

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