बेलौनी कांड की हो उच्चस्तरीय जांच: रालोसपा

उच्च न्यायालय के निर्देश पर बिना घटनास्थल पहुंचे ही जांच रिपोर्ट सौंपने का भी लगाया आरोप शेखपुरा : घाटकुसुंभा प्रखंड के बिलौनी गांव की महिला एवं ग्रामीणों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर रालोसपा सुप्रीमो व केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. गुरुवार को शेखपुरा […]

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उच्च न्यायालय के निर्देश पर बिना घटनास्थल पहुंचे ही जांच रिपोर्ट सौंपने का भी लगाया आरोप

शेखपुरा : घाटकुसुंभा प्रखंड के बिलौनी गांव की महिला एवं ग्रामीणों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर रालोसपा सुप्रीमो व केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. गुरुवार को शेखपुरा के निजी सभागार में प्रेसवार्ता आयोजित कर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ एवं टाल विकास संघर्ष समिति ने इसकी जानकारी दी. इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि 10 फरवरी, 2018 को गांव के मामूली विवाद में पुलिस ने जिस प्रकार बर्बरतापूर्वक महिलाओं एवं बच्चों के साथ अन्य ग्रामीणों के विरुद्ध कार्रवाई की. वह न सिर्फ मानवता को शर्मसार करने वाला है. बल्कि जिले के अंदर पुलिस व्यवस्था के लिए उक्त तारीख को काला दिन माना जायेगा. मौके पर पूर्व मुखिया रामाशीष प्रसाद, रंजन कुमार समेत अन्य मौजूद थे.
उच्च न्यायालय के निर्देश पर सौंपी जांच रिपोर्ट: उच्च न्यायालय में ग्रामीण रंजन कुमार के द्वारा दर्ज कराये गये जनहित याचिका में ग्रामीणों के मुताबिक जहां न्यायालय ने डीजीपी से जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा था. वहीं इस मामले में बिना घटनास्थल पर गये ही जांच रिपोर्ट सौंपन पर ग्रामीणों ने सवाल खड़ा किया है. ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस और प्रशासन के कोई अधिकारी नहीं आये. इस मामले में पुलिस महकमा के द्वारा किये गये कारनामे को लेकर पीड़ित ग्रामीण पूरी गोलबंदी के साथ जवाब देने को तैयार है.
80 लोगों का दर्ज है बयान : बेलौनी कांड में पीड़ित ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के रवैया के खिलाफ जब प्रमंडलीय आयुक्त को आवेदन सौंपा था. तब इस मामले में आयुक्त ने जिले के जन शिकायत निवारण को मामले में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. इस मामले में जन शिकायत निवारण विभाग ने गांव के करीब 80 पीड़ितों का बयान कलमबंद किया है. इस दौरान पीड़ित ग्रामीणों ने घटना में पुलिसिया बर्बरता और प्रशासनिक रवैये पर घटनाक्रम में अपने पक्ष के रूप में रखने का काम किया है.
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