शिवहर: छठी से आठवीं तक एक भी शिक्षक नहीं, 11वीं-12वीं में भी कई विषयों के पद खाली

शिवहर के कमरौली स्कूल में 1082 छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षकों की भारी कमी है. खासकर छठी से आठवीं कक्षा में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 11वीं-12वीं में भी कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं.

Sheohar News: पिपराही प्रखंड क्षेत्र के कमरौली पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय कमरौली में कुल 1082 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है. खासकर छठी से आठवीं तथा 11वीं-12वीं कक्षाओं में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. विद्यालय प्रबंधन ने विभाग से रिक्त पदों पर जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है.

कमरौली स्कूल में 1082 छात्र-छात्राएं नामांकित

विद्यालय में कक्षा एक से पांचवीं तक 236, छठी से आठवीं तक 458, नौवीं-दसवीं में 268 तथा 11वीं-12वीं में 120 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता जरूरी है, लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत है.

छठी से आठवीं तक एक भी शिक्षक नहीं

मध्य विद्यालय के प्राचार्य अभिषेक कुमार ने बताया कि कक्षा एक से पांचवीं तक शिक्षकों की स्थिति अपेक्षाकृत पर्याप्त है, लेकिन छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है. फिलहाल कक्षा एक से पांचवीं के शिक्षकों से ही छठी से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाने का कार्य लिया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि पहले विद्यालय में शिक्षक पर्याप्त संख्या में थे, लेकिन स्थानांतरण के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक दूसरे स्थानों पर चले गए. इसके बाद शिक्षकों की कमी हो गई, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है.

11वीं-12वीं में भी कई विषयों के शिक्षक नहीं

प्राचार्य नुसरत जहां ने बताया कि 11वीं और 12वीं कक्षा में भी मुख्य विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. फिलहाल हिंदी, उर्दू और कंप्यूटर के शिक्षक हैं, जबकि साइंस, मैथ, इंग्लिश और सोशल साइंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार उच्च कक्षाओं में विषयवार शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की तैयारी और शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ रहा है.

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स्थानांतरण के बाद बढ़ी शिक्षकों की कमी

जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गा यादव ने बताया कि पूर्व में हुए स्थानांतरण के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक जिले से बाहर चले गए हैं. उस अनुपात में बाहर से कम संख्या में शिक्षक भेजे जाने के कारण कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की समस्या उत्पन्न हुई है.

उन्होंने बताया कि विद्यालयों की रिक्तियों की जानकारी बीपीएससी को भेजी जा चुकी है. स्थानांतरण की प्रक्रिया भी चल रही है और टीआरई-4 के बाद विभाग की ओर से रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती होने की उम्मीद है.

सात-आठ महीने से पढ़ाई प्रभावित होने का दावा

स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पिछले सात-आठ महीनों से प्रभावित हो रही है. उनका सवाल है कि इतने लंबे समय तक शिक्षकों की कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को क्यों भुगतना पड़े.

उन्होंने विभाग से मांग की कि कमरौली विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो.

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