Sheohar News: पिपराही प्रखंड के परिहारा स्थित हरि किशोर सिंह गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, शिवहर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया. सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद कॉलेज के विद्यार्थियों ने राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर शिवहर का नाम रोशन किया. नंदिनी जायसवाल ने सभी डिप्लोमा स्ट्रीम में राज्य स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि सिविल इंजीनियरिंग के छात्र कुणाल किशोर तीसरे स्थान पर रहे.
नंदिनी ने 93.55% अंक के साथ हासिल किया दूसरा स्थान
कॉलेज की छात्रा नंदिनी जायसवाल ने 2000 में से 1871 अंक हासिल किए, जो 93.55 प्रतिशत है. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने सभी डिप्लोमा स्ट्रीम में राज्य स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया. उनकी उपलब्धि से कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र और पूरे जिले में खुशी का माहौल है.
कुणाल ने 90.26% अंक के साथ पाया तीसरा रैंक
सिविल इंजीनियरिंग के छात्र कुणाल किशोर ने 1500 में से 1354 अंक हासिल कर 90.26 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. उनके इस प्रदर्शन के आधार पर उन्हें राज्य स्तर पर तीसरा स्थान मिला. दोनों विद्यार्थियों की सफलता को कॉलेज के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
नंदिनी को 50 हजार, कुणाल को 25 हजार रुपये का पुरस्कार
छात्रों की सफलता पर जदयू नेता दिग्विजय सिंह ने पूर्व सांसद स्वर्गीय हरि किशोर सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह और उनके बड़े बेटे अनिल किशोर सिंह की ओर से नंदिनी जायसवाल को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की. वहीं कुणाल किशोर को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया.
हरि किशोर सिंह के योगदान को किया याद
दिग्विजय सिंह ने कहा कि नंदिनी और कुणाल की सफलता पूरे शिवहर के लिए गर्व की बात है. उन्होंने इसे पूर्व सांसद स्वर्गीय हरि किशोर सिंह के प्रति श्रद्धांजलि भी बताया. उनके अनुसार हरि किशोर सिंह ने शिवहर के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था और पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए जमीन उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाई थी.
कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने की मांग
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सीमित सुविधाओं के बावजूद विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन कॉलेज को अभी भी कई बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है. उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से कॉलेज परिसर में मिट्टी भराई और सड़क निर्माण समेत आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया.
मेहनत और मार्गदर्शन से सफलता की मिसाल
नंदिनी और कुणाल की सफलता ने यह साबित किया है कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद मेहनत, प्रतिभा और सही मार्गदर्शन के दम पर राज्य स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं. कॉलेज परिवार ने दोनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
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